ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान: वनस्पतियों का खजाना
ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान की प्राकृतिक सुन्दरता का कोई जोड़ नहीं। जी हां, ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान वन्य जीव प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
सैर सपाटा के लिए यह राष्ट्रीय उद्यान एक शानदार पिकनिक स्पॉट भी है। भारत के महाराष्ट्र के चन्द्रपुर जिला का यह शानदार राष्ट्रीय उद्यान वस्तुत: बाघ संरक्षित क्षेत्र है। बाघ संरक्षित क्षेत्र को ताडोबा अंघारी बाघ संरक्षित क्षेत्र के नाम से जाना पहचाना जाता है। नागपुर से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान खास तौर से सुरम्यता के लिए जाना पहचाना जाता है।
ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान हमेशा वन्य जीवों से गुलजार रहता है। ताडोबा आैषधीय वनस्पतियों की प्रचुरता के लिए भी जाना पहचाना जाता है। कोल्सा इस राष्ट्रीय उद्यान का विशिष्ट क्षेत्र है। वस्तुत: यह सघन वन क्षेत्र है। इस सघन वन क्षेत्र में आैषधीय वनस्पतियों का खास तौर से भण्डारण परिलक्षित होता है।
खास यह कि इस सघन वन क्षेत्र में दुर्लभ एवं विलुप्त आैषधीय वनस्पतियां भी दर्शनीय हैं। कोल्सा में वन्य जीवों की दर्शनीयता अति दुर्लभ होती है। कारण यह सघन वन क्षेत्र है। उद्यान की उत्तरी दिशा में आैषधीय वनस्पतियों से आच्छादित पर्वतमालाएं ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान की शान एवं शोभा हैं।
इन पर्वत मालाओं के शिखर से ताडोबा की दर्शनीय अति सुन्दर प्रतीत होती है। उद्यान की पश्चिमी दिशा भी पर्वतीय शोभा से आलोकित है। करीब 200 से 350 मीटर की ऊंचाई वाली यह पर्वत श्रंखलाएं ताडोबा का मुख्य आकर्षण है। वन्य जीवों की समृद्धता ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान का मुख्य आकर्षण है।
ताडोबा का बाघ संरक्षित क्षेत्र का अपना एक अलग ही आकर्षण है। करीब 1727 वर्ग किलोमीटर के दायरेे में फैले बाघ संरक्षित क्षेत्र में बाघ वंश के क्रियाकलाप पर्यटकों में एक खास रोमांच पैदा करते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो इस विशाल बाघ संरक्षित क्षेत्र में चार दर्जन से अधिक बाघ वंंश हैं।
इस विशाल राष्ट्रीय उद्यान में झीलों एवं नदियों की एक लम्बी श्रंखला विद्यमान है। इनमें खास तौर से ताडोबा नदी, ताडोबा झील एवं कोल्सा झील ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान की शान एवं शोभा हैं। ताडोबा झील करीब 300 एकड़ लम्बे चौड़े क्षेत्र में है। बारिश के मौसम में उद्यान प्रवासी पक्षियों से गुलजार हो उठता है। इस अवधि में बड़ी तादाद में प्रवासी पक्षी यहां प्रवास करते हैं।
वस्तुत: यह जल क्षेत्र मगरमच्छ एवं घड़ियालों का शानदार आशियाना माना जाता है। मोहरली इस शानदार उद्यान का विशिष्ट क्षेत्र है। कारण इस वन्य क्षेत्र में वन्य जीवों की दर्शनीयता अति सुलभ होती है। सफारी के लिहाज से भी यह इलाका खास है।
पर्यटक मोहरली में सफारी का भरपूर आनन्द ले सकते हैं। सफारी का आनन्द बेहद रोमांचक होता है। कारण सफारी यात्रा के दौरान पर्यटक निकट से वन्य जीव को देख सकते हैं। ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा का बेहतरीन समय अक्टूबर से जून की अवधि रहता है।
बारिश के मौसम में ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा से बचना चाहिए। खास यह कि इस उद्यान में फूलों की विभिन्न प्रजातियां पुष्पित-पल्लवित हैं। लिहाजा ताडोेबा राष्ट्रीय उद्यान सुगंध से परिपूरित रहता है।
ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट नागपुर एयरपोर्ट हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन चन्द्रपुर रेलवेे स्टेशन है। रेलवे स्टेशन से ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान की दूरी करीब 45 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा कर सकते हैं।
19.960300,79.300400
19.960300,79.300400























































