Thursday, 8 August 2019

बाहु किला : अद्भुत स्थापत्य कला

   बाहु किला की स्थापत्य कला का कोई जोड़ नहीं। चौतरफा प्राकृतिक सौन्दर्य की इन्द्रधनुषी आभा बाहु किला को आैर भी अधिक सुन्दर बना देती है। 

  बाहु किला का बाहु ए बाग भी अति दर्शनीय है। भारत के जम्मू एवं कश्मीर के शहर जम्मू का यह अति प्राचीन एवं सुन्दर किला पर्यटन की दृष्टि से बेहद खास माना जाता है।

   गढ़वाली स्थापत्य शैली पर आधारित बाहु किला की संरचना अति दर्शनीय है। चूना एवं र्इंट पत्थर की यह संरचना अति प्राचीन है। समुद्र तल से करीब 325 मीटर ऊंचाई पर स्थित बाहु किला सैंड स्टोन की मोटी दीवारों पर आधारित है। विशाल पत्थरों की इन मोटी दीवारों पर अष्टकोणीय टॉवर एवं बुर्ज स्थापित हैं। किला के मुख्य द्वार की विशालता देखते ही बनती है। 

  किला की पिरामिड संरचना भी इसे अद्भुत एवं विलक्षण बनाती है। खास यह कि इस दिव्य-भव्य किला में कारागार भी है। गुप्त निकास के तौर पर यहां सुरंग का भी प्रावधान है। बाहु किला का मुख्य आकर्षण राजमहल एवं बारादरी है। 

  चौतरफा खूबसूरत बाग बगीचों से सजा धजा राजमहल एवं बारादरी की दर्शनीयता खास है। बाहु किला का मुख्य आकर्षण महाकाली मंदिर एवं बाग-ए-बाहु है। जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने बाहु किला को धरोहर घोषित किया था। 

   धरोहर घोषित होने के उपरांत बाहु किला का पर्यटन की दृष्टि से विकास किया गया। इसमें शानदार फव्वारा एवं नौकायन की व्यवस्थाएं की गयीं। जिससे पर्यटकों का आकर्षण तेजी से बढ़ा। 
  बाग ए बाहु को एक छोटी झील के साथ ही पार्क का विकास किया गया है। खूबसूरत झरनों, हरे-भरे बाग बगीचों एवं फूलों से भरे लॉन-मैदान इस किला की शान एवं शोभा हैं। 


   सीढ़ीनुमा संरचना पर्यटकों को खास लुभाती है। जम्मू एवं कश्मीर की यात्रा करने वाले पर्यटक बाहु किला घूमना नहीं भूलते हैं। शहर के मध्य से करीब 5 किलोमीटर दूर तवी नदी के तट पर स्थित बाहु किला करीब 3000 वर्ष प्राचीन है।

   विशेषज्ञों की मानें तो इस किला का दिव्यता-भव्यता में कोेई जोड़ नहीं है। इस किला का निर्माण राजा बाहु लोचन ने कराया था। बाद में डोगरा शासकों ने इसका नवनिर्माण कराया था। प्राकृतिक सौन्दर्य से लबरेज बाहु किला पर्यटकों को जादुई सा प्रतीत होता है।

   बाहु किला के निर्माण से ताल्लुक रखने वाली एक कहावत है। राजा लोचन एक बार शिकार खेलते हुए तवी नदी के इलाके में पहुंच गये। राजा ने देखा कि बाघ एवं बकरी नदी के एक ही घाट पर पानी पी रहे हैं। 

  यह देख कर राजा को आश्चर्य हुआ। इसके बाद राजा ने इस क्षेत्र को अपनी राजधानी बनाने पर विचार किया। इसके बाद इस भव्य दिव्य बाहु किला का निर्माण किया गया।

  महाकाली मंदिर: महाकाली मंदिर बाहु किला के आंतरिक क्षेत्र का एक प्रसिद्ध स्थान है। इसकी शक्ति पीठ की मान्यता है। करीब 1.2 मीटर ऊंचाई वाले प्लेटफार्म पर बने इस मंदिर का वास्तुशिल्प अति दर्शनीय है। मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण 8वीं एवं 9वीं शताब्दी के मध्य किया गया था। अतीत में इस मंदिर पशु बलि का प्रचलन था।

  हालांकि इसे बाद में बंद कर दिया गया था। प्रसाद में यहां कड़ा (हलवा) दिया जाता है। इस मंदिर को भावे वाली माता भी कहा जाता है। इस मंदिर की महत्ता वैष्णो देवी के बाद दूसरे स्थान पर है। महाकाली का यह मंदिर भारत के प्रसिद्ध काली मंदिरों में एक है।

   बाहु किला की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट जम्मू एयरपोर्ट है। निकटतम रेलवे स्टेशन जम्मू तवी जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी बाहु किला की यात्रा कर सकते है।
32.724850,74.876840

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