पुराना किला: प्राचीन वास्तुशिल्प
प्राचीन वास्तुशिल्प देखना हो तो दिल्ली का पुराना किला अवश्य घूमना-देखना चाहिए। जी हां, पुराना किला का शानदार एवं विलक्षण वास्तुशिल्प पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है।
नई दिल्ली के मथुरा रोड़ स्थित पुराना किला को इन्द्रप्रस्थ भी कहते हैं। कभी इस प्राचीन किला को शहर की पहचान माना जाता था।
विशेषज्ञों की मानें तो पुराना किला दिल्ली के पुराने किलों में से एक है। माना जाता है कि इस किला का निर्माण हुमांयू एवं अफगान शेर शाह ने कराया था।
पुरातात्विक खुदाई में इस किला परिसर में ईसा पूर्व एवं मौर्य काल के भी संकेत मिले हैं। देश की राजधानी को नया आयाम आकार देने के लिए 1920 में एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया तो पुराना किला को केन्द्रीयता में शामिल किया था।
इस भव्य-दिव्य किला की दर-ओ-दीवार की सुन्दरता एवं विशेषता देखते ही बनती है। किला की मुख्य दीवार करीब 18 मीटर ऊंची है। करीब 1.50 किलोमीटर लम्बी है। इसमें तीन मेहराबदार द्वार हैं। पश्चिम का दरवाजा बड़ा दरवाजा कहलाता है। दक्षिणी दरवाजा को हुमांयू दरवाजा कहा जाता है।
विशेषज्ञों की मानें तो इस दरवाजा का निर्माण हुमांयू ने कराया था। इस स्थान से हुमांयू का मकबरा भी स्पष्ट तौर पर दिखता है। सबसे आखिरी दरवाजा को तलाकी दरवाजा कहा जाता है।
इसे वर्जित गेट भी कहा जाता है। सभी दरवाजा दो मंजिला हैं। दरवाजा सहित किला का निर्माण लाल बलुआ पत्थरों से किया गया है। किला के कंगुरा एवं बुर्ज दर्शनीय है। इस पौराणिक किला में लाल बलुआ पत्थरों से साथ ही सफेद एवं रंगीन संगमरमर का उपयोग किया गया है।
नीले रंग के टाइल्स किला की दिव्यता-भव्यता को आैर भी बढ़ाते हैं। किला परिसर में सुन्दर मस्जिद भी है। इसे किला ए कुहना मस्जिद कहा जाता है। यह मुगल संरचना का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
खास यह कि इसके मेहराब घुमावदार घोड़े की नाल की आकार प्रकार के हैं। इसे सुल्तान एवं उनके दरबारियों के लिए तैयार किया गया था। खास यह कि इस बुलंद किला में मुगल वास्तुशिल्प के साथ ही राजस्थानी वास्तुकला की खास झलक मिलती है।
पुराना किला बड़े-बड़े घास के मैदानों से सुसज्जित है। मखमली घास पर्यटकों को खास तौर से आकर्षित करती है। शाही परिवार की आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर विशेष निर्माण किये गये।
किला से बाहर देखने के लिए विशेष झरोखे भी हैं। हम्माम में निर्माण की प्राचीनता अवलोकित होती है। वस्तुत: पुराना किला एक शासकीय संरक्षित इमारत है।
हुमांयू का निजी पुस्तकालय भी अपनी एक अलग दशा एवं दिशा रखता है। इसे शेर मंडल कहा जाता है। खास यह कि किला में छत तक पहंुचने के लिए विशेष सीढ़ियों का निर्माण है। पुराना किला परिसर में संग्रहालय भी अति दर्शनीय है।
प्राचीन बर्तन, दैनिक उपयोग की वस्तुओं से लेकर अस्त्र-शस्त्र भी प्रदर्शित हैं। खगोलीय अध्ययन के लिए किला में एक लघु वेधशाला भी है। खास यह कि पुराना किला परिसर में संाझ होने पर लाइट एवं साउण्ड आधारित एक विशेष प्रदर्शन किया जाता है।
इसमें पुराना किला के इतिहास का वर्णन किया जाता है। इतना ही नहीं पुराना किला के बाहरी क्षेत्र में एक अन्य भव्य दिव्य स्मारक है। किला की सुरक्षा को ध्यान में रख कर झील को आयाम आकार दिया गया। जिससे किला की आन्तरिक हलचल से कोई भी दूर रह सके।
पुराना किला की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट अंतराष्ट्रीय इन्दिरा गांधी एयरपोर्ट है। निकटतम रेलवे स्टेशन नई दिल्ली जंक्शन है। इसके साथ ही पर्यटक पुराना किला अर्थात इन्द्रप्रस्थ की यात्रा सड़क मार्ग से भी कर सकते हैं।
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