Tuesday, 6 November 2018

मार्बल पैलेस: सुन्दर वास्तुशिल्प

    मार्बल पैलेस की खूबसूरती किसी जादू से कम नहीं। जी हां, मार्बल पैलेस वस्तुत: एक भव्य-दिव्य संग्रहालय है। इसकी खूबसूरती देश दुनिया के पर्यटकों को बरबस आकर्षित करती है।

   विशिष्टता के कारण पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित इस मार्बल पैलेस की ख्याति विश्व में है। मार्बल पैलेस कोलकाता के खास एवं महत्वपूर्ण संग्रहालय मेें शीर्ष पर गिना जाता है। वास्तविकता में मार्बल पैलेस सफेद संगरमरमर का एक शानदार किला है। जिसकी खूबसूरती दुनिया को मोह लेती है।

   इस भव्य-दिव्य किला का निर्माण राजा राजेन्द्र मलिक ने वर्ष 1800 में कराया था। खास यह कि मार्बल पैलेस को भारत की शीर्ष संरचनाओं में गिना जाता है। 

   मार्बल पैलेस कलात्मकता का सुन्दर आयाम है। इस संग्रहालय में पश्चिमी मूर्ति कला, विक्टोरियन फर्नीचर, चित्राकंन आदि इत्यादि मुग्ध करने वाला बहुत कुछ है। 

   मार्बल पैलेस का निर्माण नियो क्लासिकल वास्तु शैली पर आधारित है। यहां के खुले आंगन बंगाल की परम्पराओं को रेखांकित करते हैं। आंगन के बगल में पूजा घर भी है। यहां प्रदर्शित चित्रांकन भारत एवं यूरोपियन कलाकारों का कलाक्रम है।

    इस कलाक्रम में शुक्र एवं कामदेव की छवि भी प्रदर्शित है। सजावटी वस्तुओं में झूमर, घड़ियां, छत के दर्पण आदि हैं। यह सब अति दर्शनीय हैं। मार्बल पैलेस के परिसर में विशाल लॉन, रॉक गार्डेन, झील, चिड़ियाघर, बाग-बगीचा भी हैं। इसे 19 वीं शताब्दी की उदारवादी हवेली भी कहा जाता है।

   यह सर्वश्रेष्ठ एवं संरक्षित हवेलियों में से एक है। संगमरमर की दीवारें एवं मूर्ति शिल्प पर्यटकों को आकर्षित करता है। चिड़ियाघर में हिरन सहित अन्य वन्य जीवन का कोलाहल देखने को मिलेगा। मार्बल पैलेस में बंगाल की प्राचीन संस्कृतियों एवं परम्पराओं की झलक दिखेगी।

   खास यह कि मार्बल पैलेस को कोलकाता की शान भी कहते हैं। मार्बल पैलेस में प्रवेश करते ही बाग-बगीचा देख कर मन मस्तिष्क प्रफुल्लित हो उठता है। संगमरमर की शानदार संरचना पर्यटकों को मुग्ध कर लेती है। इसका नाम इसके स्वरूप पर आधारित है। 

   कारण चौतरफा मार्बल का उपयोग किया गया है। लिहाजा इसे मार्बल पैलेस के नाम से ही ख्याति मिली। मार्बल पैलेस के परिसर कही शेर की मूर्ति आकर्षित करती है तो कहीं विक्टोरियन संरचना है। आंतरिक क्षेत्र में विक्टोरियन फर्नीचर की प्रभावशाली संरचना कोलकाता का गौरवशाली अतीत से वाकिफ कराती है। 

  शीशमहल की छत विस्मयकारी है। ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे किसी स्वप्नलोक में हों। विशेषज्ञों की मानें तो मार्बल पैलेस कोलकाता का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। मार्बल पैलेस मुक्ताराम बाबू स्ट्रीट में स्थित है। 

   भारतीय एवं पश्चिमी हस्त कला का सुन्दर आयाम है। इस पैलेस की समृद्धता देखते ही बनती है। यहां के सुन्दर झूमर, यूरोपियन एंटीक, वेनेटियन ग्लास, पुराने पियानो एवं चीनी मिट्टी के नीले गुलदान बेहद दर्शनीय हैं।

   यह सब अमीरों की जीवन शैली को दर्शाते हैं। आशय यह कि मार्बल पैलेस कोलकाता की शान है। जिससे देश विदेश के पर्यटक खींचे चले आते हैं। सुन्दरता लाजवाब है।

   मार्बल पैलेस की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट नेता जी सुभाष चन्द्र बोस एयरपोर्ट कोलकाता है। निकटतम रेलवे स्टेशन हावड़ा जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी मार्बल पैलेस की यात्रा कर सकते हैं।
22.579750,88.360700

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