कैपिटल कॉम्प्लेक्स: सुन्दर वास्तुशिल्प
कैपिटल कॉम्प्लेक्स को वास्तुशास्त्र का विलक्षण आयाम कहना चाहिए। जी हां, चंडीगढ़ स्थित कैपिटल कॉम्प्लेक्स की सुन्दरता एवं विशिष्टता का कोई जोड़ नहीं।
शायद इसीलिए यूनेस्को ने कैपिटल कॉम्प्लेक्स को विश्व धरोहर घोषित किया है। वास्तु शिल्पी ले कॉर्बूसियर ने इस आधुनिक विरासत को अस्तित्व दिया। शिल्पकार ले कॉर्बूसियर ने इस आधुनिक संरचना में आवश्यकता एवं विहंगमता के पक्ष को ध्यान में रखा।
खास यह कि वास्तुकार ले कॉर्बूसियर ने 20 शताब्दी के पूर्वाद्र्ध में दुनिया के 17 देशों में आधुनिक एवं अद्भुत संरचनाएं प्रदान की हैं। वास्तुकार ले कॉर्बूसियर की इस संरचना ने चंडीगढ़ में एक नया आयाम दिया है।
खास यह कि चंडीगढ़ के सेक्टर एक में स्थित इस दिव्य-भव्य परिसर में आधुनिकता का करीब-करीब हर रंग खिलता दिखता है। कैपिटल कॉम्प्लेक्स में हरियाणा एवं पंजाब उच्च न्यायालय के साथ ही हरियाणा एवं पंजाब की विधानसभा एवं सचिवालय सहित बहुत कुछ है।
करीब 100 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित कैपिटल कॉम्प्लेक्स वस्तुत: वास्तुकला की एक शानदार एवं प्रमुख अभियक्ति है। इसमें तीन भवन, तीन स्मारक एवं एक झील शामिल हैं। पैलेस ऑफ एसेम्बली के तौर पर विधानसभाएं हैं।
सचिवालय, उच्च न्यायालय, ओपेन हैण्ड स्मारक, जियोमेट्रिक हिल एवं छाया का टॉवर अति दर्शनीय हैं। श्रेष्ठताओं एवं विशिष्टताओं के कारण वर्ष 2016 में यूनेस्को ने कैपिटल काम्प्लेक्स को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है।
वास्तुशिल्पी ले कॉर्बूसियर ने छाया टॉवर की संरचना इस प्रकार की है कि जिससे सूर्य की एक भी किरण प्रवेश न करे। इस टावर का उत्तर पक्ष खुला रहता है। कारण सूर्य की चमक इस दिशा में कभी नहीं रहती।
वास्तुशिल्पी ने इस सिद्धांत का उपयोग कैपिटल कॉम्प्लेक्स के हर भवन में किया है। वास्तुशास्त्र के मुताबिक भी हर कोना आच्छादित है। ओपेन हैंड स्मारक मूर्तिकला का सुन्दर आयाम है। यह धातु की विशाल मूर्ति है। यह स्थल खुला शहर होने का संदेश देता है।
कानून-व्याख्यान स्मारक का निर्माण 1951-1957 की अवधि में किया गया था। इस संरचना में दोहरी छत का उपयोग किया गया है। चित्रित इमारत में विशाल प्रवेश द्वार शोभायमान हैं। अदालत के कमरों के पीछे का हिस्सा भी विशिष्ट है।
कानून निस्पादन स्मारक कैपिटल कॉम्प्लेक्स इन तीन इमारतों में सबसे बड़ा एवं लम्बा है। यह आठ मंजिला कंक्रीट स्लैब के आकार-प्रकार का दिखता है। इसके केन्द्र में मूर्तिकला का विशिष्ट अंदाज दिखता है। छत कला एवं वास्तुकला का समिश्रण है। यहां से चण्डीगढ़ शहर का शानदार दृश्य दिखता है।
खास यह कि हर मौसम में कैपिटल कॉम्प्लेक्स का अपना एक अलग अंदाज दिखता है। कैपिटल कॉम्प्लेक्स की सुन्दरता एवं विशिष्टता पर्यटकों को खास तौैर से आकर्षित करती है। छाया टॉवर, जियोमेट्रिक हिल एवं मार्टिर मेमोरियल विशेष हैं।
कैपिटल कॉम्प्लेक्स चंडीगढ़ की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट चण्डीगढ़ है। निकटतम रेलवे स्टेशन चण्डीगढ़ जंक्शन है। पर्यटक इस सुन्दर वास्तुशिल्प का अवलोकन करने के लिए सड़क मार्ग से भी यात्रा कर सकते हैं।
30.697030,76.752130
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