Tuesday, 7 January 2020

कांगला पैलेस: अद्भुत स्थापत्यकला

    कांगला पैलेस को पौराणिक धरोहर कहा जाना चाहिए। कांगला पैलेस की स्थापत्य कला अद्भुत एवं विलक्षण है। 

   कांगला पैलेस को हेरिटेज लवर्स का बेहद पसंदीदा हेरिटेज टूरिज्म कहा जाना चाहिए। कारण कांगला पैलेस का वास्तुशिल्प देखने बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

   भारत के मणिपुर की राजधानी इम्फाल स्थित यह महल अपने सौन्दर्य के कारण बेहद प्रसिद्ध है। कांगला पैलेस को आमतौर पर कांगला किला के तौर पर जाना एवं पहचाना जाता है। 

   खास यह कि कांगला पैलेस में किला की भांति दिव्यता एवं भव्यता दर्शनीय है। इस दिव्य भव्य किला का राजसी एवं धार्मिक महत्व है। विशेषज्ञों की मानें तो प्राचीनकाल में मणिपुर में मेइती राजाओं का शासन था। 

   मेइती राज परिवार ने कांगला पैलेस को अपना निवास बनाया था। लिहाजा प्राकृतिक सुन्दरता की आगोेश में मेइती राज परिवार ने कांगला पैलेस की संरचना की थी। कांगला पैलेस को मणिपुर में पुराना किला के नाम से भी जाना एवं पहचाना जाता है। 

   स्थानीयता में कांगला का शाब्दिक अर्थ सूखी भूमि होता है। इम्फाल नदी के तट पर स्थित कांगला पैलेस अति प्राचीन है। विशेषज्ञों की मानें तो कांगला पैलेस की संरचना 17वीं शताब्दी में की गयी थी। 

    कांगला पैलेस को मणिपुर का गौरव माना जाता है। हालांकि कांगला पैलेस का अधिसंख्य भाग खण्डहर में तब्दील हो चुका है। आजादी के बाद यह किला सेना के आधिपत्य में रहा। 

    हालांकि इसके पुरातात्विक महत्व को देखते हुए वर्ष 2004 में मणिपुर सरकार को सौंप दिया गया। मणिपुर के इस शानदार एवं वैभवशाली किला की स्थापत्यकला की दर्शनीयता के लिए पर्यटकों को सितम्बर से अप्रैल की अवधि में यात्रा करनी चाहिए। 

    कारण इस अवधि में मणिपुर की जलवायु शांत एवं शीतल रहती है। हालांकि नवम्बर से फरवरी की अवधि में मणिपुर में कहीं अधिक सर्दी होती है। मणिपुर के वाशिंदों की दृष्टि में कांगला का धार्मिक महत्व कहीं अधिक है। 

   मणिपुर में इसे अति पवित्र स्थान माना जाता है। मान्यता है कि मणिपुर की राजधानी इम्फाल स्थित कांगला में भगवान पाखंगबा प्रवास करते हैं। भगवान पाखंगबा मणिपुर एवं ब्राह्मांड पर शासन करतेे हैं। 

    मान्यता यह भी है कि कांगला में 360 महत्वपूर्ण एवं पवित्र स्थान हैं। इनमें खास तौर से गढ़ के खण्डहर, क्रानियल, चीथरोल कुंभाला आदि इत्यादि हैं। कांगला पैलेस के दक्षिणी द्वार के निकट गोविन्द जी मंदिर स्थित है। गोविन्द जी मंदिर अति पवित्र तीर्थधाम है।

   कांगला पैलेस की यात्रा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट इम्फाल एयरपोर्ट है। इम्फाल एयरपोर्ट से कांगला पैलेस की दूरी करीब 8 किलोमीटर है।

  निकटतम रेलवे स्टेशन दीमापुुर रेलवे जंक्शन है। दीमापुर रेलवे स्टेशन से कांगला पैलेस की दूरी करीब 215 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी कांगला पैलेस इम्फाल की यात्रा कर सकते हैं।
24.807460,93.945460

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