केयबुल लामजाओ: अद्भुत एवं अतुलनीय
अद्भुत, अतुलनीय, अविश्वसनीय एवं अकल्पनीय ही कहा जाना चाहिए। जी हां, केयबुल लामजाओ कुछ ऐसा ही है।
केयबुल लामजाओ वस्तुत: एक जल में तैरता हुआ वन्य जीव अभयारण्य है। खास यह कि यह वन्य जीव अभयारण्य अपने प्राकृतिक सौन्दर्य एवं विलक्षणता के लिए विश्व में प्रसिद्ध है।
भारत के मणिपुर की राजधानी इम्फाल से करीब 53 किलोमीटर दूर स्थित केयबुल लामजाओ वस्तुत: अति दर्शनीय लोकतक झील का एक शानदार हिस्सा है।
हालांकि यह विशाल झील मणिपुर के जिला बिशुनपुर में स्थित है। लोकतक झील भारत ही नहीं, विश्व में प्रसिद्ध है। कारण इस विशाल झील मेें तैरता नेशनल पार्क है। इस प्रकार का शायद यह दुनिया का इकलौता पार्क है।
इस फ्लोटिंग नेशनल पार्क को केयबुल लामजाओे के नाम से जाना एवं पहचाना जाता है। प्राकृतिक सौन्दर्य से आच्छादित यह नेशनल पार्क वस्तुत: विलुप्त होते संगाई हिरनों का आशियाना है। इसे विलुप्त हिरन प्रजाति संगाई का संरक्षण क्षेत्र भी कह सकते हैं।
संगाई हिरन मणिपुर का राज्य पशु भी है। हालांकि केयबुल लामजाओ वस्तुत: एक विहंगम वन्य जीव अभयारण्य है। इस अभयारण्य में संगाई हिरन के साथ ही कछुए, कोबरा सांप, हिमालय का काला भालू, सफेद भालू, जंगली विल्लियां आदि इत्यादि हैं। इनके अलावा पक्षियों की असंख्य प्रजातियां इस अभयारण्य की शान एवं शोभा हैं।
प्रकृति प्रेमियों एवं वन्य जीव प्रेमियों के लिए यह अभयारण्य किसी स्वर्ग से कम नहीं है। भारत के पूर्वोत्तर में स्थित मणिपुर की लोकतक झील वस्तुत: अपनी विशिष्टताओं के लिए खास तौर से जानी एवं पहचानी जाती है।
आैषधीय वनस्पतियों एवं मिट्टी के लघु द्वीपों के लिए लोकतक झील की अपनी एक अलग विशिष्टता है। इसे आश्चर्यजनक ही कहा जायेगा कि लोकतक झील में लघु द्वीपों की संरचना स्वत: होती रहती है। इन लघु द्वीपों को स्थानीयता में फुमुदी एवं कुंदी कहा जाता है।
करीब 280 वर्ग किलोमीटर में फैली लोकतक झील का सबसे बड़ा द्वीप केयबुल लामजाओ है। लामजाओं का क्षेत्रफल करीब 40 वर्ग किलोमीटर है।
इस विशाल फुमदी कोे भारत सरकार ने केयबुल लामजाओ वन्य जीव अभयारण्य को संगाई हिरन के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित किया है। यह विश्व का एकमात्र तैरता राष्ट्रीय उद्यान है।
खास यह कि लोकतक झील मणिपुर के लिए आर्थिक एवं सांस्कृतिक महत्व भी रखती है। लोकतक झील का जल बेहद साफ एवं निर्मल है। लिहाजा इस जल का उपयोग विद्युत उत्पादन, सिंचाई एवं पेयजल के रूप में किया जाता है। पर्यटक झील में मछलियां पकड़ने का शौक भी पूरा कर सकते हैं।
हालांकि मछलियों का शिकार करना यहां का एक आर्थिक संसाधन है। स्थानीयता में देखें तो लोक का अर्थ नदी या झरना होता है। तक का अर्थ अंत होता है।
लोकतक झील चौतरफा प्राकृतिक सौन्दर्य की निराली छटा रखती है। यह प्राकृतिक सौन्दर्य पर्यटकों को सम्मोहित करता है। इस झील के प्राकृतिक द्वीप अति दर्शनीय हैं।
फुमदुी कहे जाने वाले यह द्वीप केवल दर्शनीय ही नहीं हैं, बल्कि बाशिंदे इन पर आशियाना बना कर प्रवास भी करते हैं। प्रकृति के सुन्दर नजारों वाली लोकतक झील मणिपुर के इस इलाके की लाइफ लाइन भी है।
ताजे एवं स्वच्छ जल वाली लोकतक झील आर्थिक संसाधन का एक बड़ा रुाोत है। पर्यटक लोकतक झील की यात्रा कर केयबुल लामजाओ वन्य जीव अभयारण्य पर रोमांच का शानदार अनुभव करते हैं।
केयबुल लामजाओे वन्य जीव अभयारण्य की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट इम्फाल एयरपोर्ट है।
इम्फाल एयरपोर्ट से केयबुल लामजाओ की दूरी करीब 53 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन दीमापुर रेलवे जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी केयबुल लामजाओ की यात्रा कर सकते हैं।
24.802151,93.938622
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