Saturday, 30 March 2019

नग्गर किला : अद्भुत वास्तुशिल्प

  नग्गर किला को वास्तुशिल्प एवं नक्काशी की शानदार संरचना कहा जाना चाहिए। जी हां, नग्गर किला की संरचना अद्भुत एवं विलक्षण है।

  भारत के हिमाचल प्रदेश के कुल्लू शहर का यह विलक्षण किला अपनी खास नक्काशी के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। नग्गर किला को नग्गर कैसल के नाम से भी जाना पहचाना जाता है। 

करीब 500 वर्ष प्राचीन इस दिव्य-भव्य किला की सुन्दर पर्यटक वालीवुड़ की फिल्मों में भी देख चुके हैं। वस्तुत: नग्गर किला राजवंश का निवास था।
  मनाली से करीब 21 किलोमीटर दूर स्थित यह शानदार किला बेहद अद्भुत है। मध्ययुगीन काल का यह किला राजवंश की शान रहा है।

 कुल्लू के राजा सिद्ध सिंह ने इस शानदार  किला का निर्माण कराया था। विशेषज्ञों की मानें तो इस किला का निर्माण 1460 में किया गया था। 
  राजवंश प्रथा का अन्त होने के बाद वर्ष 1978 में इसे एक शानदार होटल के तौर पर पर्यटन केन्द्र के रूप में तब्दील कर दिया गया। 

  खास यह कि नग्गर किला की लकड़ी की शानदार नक्काशी एवं पत्थरों की संरचना बेहद आकर्षक है। व्यास नदी के तट पर पर्वत शिखर पर विद्यमान नग्गर किला को हिमाचल प्रदेश शान भी माना जाता है।
  खास यह कि इस शानदार किला में आकर्षक एवं विशेष स्थानों की एक लम्बी श्रंखला विद्यमान है। इसमें मंदिर, कलादीर्घा एवं मखमली घास के शानदार मैदान आदि हैं।

  नग्गर किला में कई अति प्राचीन मंदिर हैं। खास यह कि इस शानदार महल का निर्माण कराने में गढ़क पत्थरों का उपयोग किया गया है।
  खास यह कि नग्गर किला पूरी तरह से भूकम्परोधी है। कारण कुछ समय पहले आये भूकम्प में आसपास के निर्माण ध्वस्त हो गये लेकिन नग्गर किला की संरचना में कहीं कोई प्रभाव नहीं दिखा। 

  इस लिए भी हो सका क्योंकि इसकी संरचना की तकनीकि भी शानदार है। इसका वास्तुशास्त्र हिमाचल शैली को  रेखांकित करती है। इसे यंू भी कह सकते हैं कि नग्गर किला की शानदार संरचना में पश्चिमी हिमालयी वास्तुकला का दर्शन होता है। 

  नग्गर किला अर्थात कैसल खास तौर से पत्थरों एवं लकड़ी की शानदार संरचना है। विशेषज्ञों की मानें तो नग्गर किला की संरचना में काष्ठकुणी शैली का शानदार उपयोग किया गया है। 

  खासियत के कारण ही नग्गर किला वैश्विक पर्यटकों के बीच खास चर्चित है। नग्गर किला के निर्माण में देवदार की लकड़ी का उपयोग किया गया है। देवदार वृक्षोंं की लकड़ी का अपना एक अलग ही सौन्दर्य होता है। 

  यही सौन्दर्य नग्गर किला को विशिष्ट बना देता है। खास यह कि लकड़ी की इस शानदार संरचना में कील का कोई उपयोग नहीं हुआ है। 

  खास यह कि नग्गर किला की कलादीर्घा अद्भुत एवं विशेष है। इसमें कुल्लवी जूता, टोपी, कोट, बरतन, प्राचीन बतरन आदि इत्यादि बहुत कुछ रेखांकित एवं प्रदर्शित है। यह कलादीर्घा नग्गर किला की शान मानी जाती है। 

  खास यह कि इस कलादीर्घा में रूसी कलाकार निकोलस रोयरिच की शानदार पेंटिंग भी प्रदर्शित है। नग्गर किला का शानदार रेस्टोरेंट अद्भुत है। झरोखा अंदाज में बना यह रेस्टोरेंट लंच एवं डिनर को आैर भी अधिक स्वादिष्ट बना देता है।

  खास यह कि नग्गर किला से चौतरफा कुल्लू घाटी दर्शनीय है। इसे एक शानदार विरासत होटल के तौर पर भी जाना जाता है।
   नग्गर किला की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट कुल्लू-मनाली एयरपोर्ट भुन्टर है।
  निकटतम रेलवे स्टेशन जोगिन्दर नगर जंक्शन एवं कालका जंक्शन हैं। पर्यटक सड़क मार्ग से भी नग्गर किला की यात्रा कर सकते हैं।
32.227240,77.197140

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