कुथार किला: बेजोड़ वास्तुशिल्प
कुथार किला की सुन्दरता एवं वास्तुशिल्प का कोई जोड़ नहीं। प्रकृति की गोद में रचा-बसा कुथार किला प्राकृतिक सौैन्दर्य का अद्भुत आयाम है।
भारत के हिमाचल प्रदेश के शहर सोलन का यह शानदार हिस्सा ऐेतिहासिक एवं पौराणिक महत्व रखता है। कुथार किला वस्तुत: हिम शिखर पर बसा एक शानदार एवं सुन्दर वास्तुशिल्प है।
शिमला से करीब 52 किलोमीटर दूर एवं सोलन से करीब 33 किलोमीटर दूर स्थित कुथार किला 800 वर्ष से भी अधिक प्राचीन है।
खास यह कि कुथार किला हिमाचल प्रदेश के पर्यटन का मुख्य आकर्षण है। वस्तुत: इस दिव्य-भव्य किला का निर्माण करीब 800 वर्ष पूर्व गोरखा राजाओं ने कराया था। इस क्षेत्र में गोरखा राजाओं का शासन था। हालांंकि कुथार किला के कुछ हिस्से 80 वर्ष पुराने हैं।
करीब 52.8 वर्ग किलोमीटर दायरे में फैला कुथार किला अपने खास सौन्दर्य शास्त्र के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है।
कुथार किला परिसर में सुन्दर एवं प्राकृतिक स्थानों की एक शानदार श्रंखला विद्यमान है। सुन्दर एवं शानदार उद्यान, पानी के सुन्दर झरने एवं बाग-बगीचे खास तौर से कुथार किला की शोभा हैं।
प्राचीन मंदिर कुथार किला के धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्वरूप को रेखांकित करते हैं। खास यह कि गोरखा राजाओं का यह किला एवं कसौली का हिल स्टेशन वैश्विक पर्यटकों का मुख्य आकर्षण है। कुथार किला एवं आसपास दर्शनीय स्थलों की एक शानदार श्रंखला है।
समुद्र तल से करीब 1300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कुथार किला चौतरफा प्रकृति की निराली छटा से आलोकित है। कुथार पर्वत के शिखर पर स्थित कुथार किला को हिमाचल प्रदेश की शान माना जाता है।
कुथार पर्वत पर स्थित होने के कारण ही इस किला को कुथार किला के नाम से जाना पहचाना जाता है। शिमला एवं सुबाथु किला का सौन्दर्य भी पर्यटक यहां निहार सकते हैं।
चौतरफा हिमालय की शानदार श्रंखला अति दर्शनीय प्रतीत होती है। सर्दियों में बर्फ से ढ़की पर्वत चोटियांं कुथार किला के सौन्दर्य में चार चांद लगा देती हैं।
कुथार किला में राजस्थानी वास्तुकला का शानदार निरूपण दिखता है। इसे राजपूताना रचनात्मकता की शानदार संरचना कहा जा सकता है।
यहां के भित्ति चित्र एवं मेहराब सुन्दरता के शानदार प्रतिमान हैं। कक्षों एवं गलियारों में चित्रांकन एवं लकड़ी की नक्काशी अति दर्शनीय एवं मोहित करने वाली है।
खास यह कि कुथार किला की सुन्दरता अति विस्मयकारी है। वस्तुत: कुथार किला कभी कुटहार के शाही राज परिवार का निवास था।
लिहाजा इसे एक शानदार विरासत कहा जा सकता है। कुथार किला का एक बड़़ा हिस्सा शाही सैरगाह के तौर पर रहा।
शाही सैरगाह को प्रकृति की गोद कहा जाये तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। शाही सैरगाह में प्रकृति की शानदार संरचना का एहसास होता है। यह दृश्य विस्मय एवं मुग्ध करने वाला होता है।
खास यह कि कुथार किला परिसर में एक सुन्दर रिसार्ट भी है। इस रिसार्ट मेंं सभी लक्जरी सुविधायेंं उपलब्ध हैं। पर्यटक यहां शाही जीवन शैली का आनन्द एवं अनुभव ले सकते हैं।
आधुनिक काल के परिप्रेक्ष्य में देखें तो कुथार ब्रिाटिश कालीन एक शानदार रियासत थी। कुथार राज्य की स्थापना 17 वीं शताब्दी में हुयी थी। कुथार किला पर राजसी वैभव की दर्शनीयता विद्यमान है।
कुथार किला वस्तुत: हिमाचल प्रदेश के पर्यटन का मुख्य आकर्षण है। शांति एवं शीतलता का एहसास कराने वाले इस दिव्य-भव्य किला की दर्शनीयता अद्भुत है।
कुथार किला की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट जुबरहट्टी एयरपोर्ट शिमला है। पर्यटक चण्ड़ीगढ़ एयरपोर्ट से भी कुथार किला की यात्रा कर सकते हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन कालका जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी कुथार किला की यात्रा कर सकते हैं।
30.910110,77.096690
30.910110,77.096690











No comments:
Post a Comment