Friday, 5 April 2019

आदिलाबाद: प्राकृतिक सौन्दर्य

  आदिलाबाद की प्राकृतिक सुन्दरता पर्यटकों को निश्चय ही आकर्षित कर लेगी। कारण आदिलाबाद के चौतरफा प्राकृतिक सौन्दर्य की निराली छटा दिखती है। 

   ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे आदिलाबाद को प्रकृति ने खुद गढ़ा हो। भारत के तेलंगाना का शहर आदिलाबाद वस्तुत: एक ऐतिहासिक एवं पौराणिक शहर है। प्रकृति की गोद में रचा-बसा आदिलाबाद वस्तुत: देवी सरस्वती के लिए भी जाना पहचाना जाता है। 

   आदिलाबाद का नामकरण बीजापुर के प्रथम शासक अली आदिल शाह के नाम पर है। खास यह कि आदिलाबाद विभिन्न संस्कृतियों का संगमन शहर है। 

  खास यह कि आदिलाबाद गोदावरी एवं पेनगंगा नदियों के संगम स्थल के एक शानदार पठार पर 600 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। 
  खास यह कि आदिलाबाद एवं उसके आसपास शानदार एवं सुन्दर स्थानों की बेहतरीन श्रंखला विद्यमान है। प्राकृतिक सौन्दर्य के आकर्षण की यह शानदार श्रंखला वैश्विक पर्यटकों को खास तौर से आकर्षित करती है।

   आदिलाबाद के विशेष आकर्षण में महात्मा गांधी पार्क, बासार मंदिर, केलसापुर नगर, जगन्नाथ मंदिर, कव्वल वन्यजीव अभयारण्य, कुंटाला वॉटरफॉल्स एवं निर्मल दीर्घा आदि बहुत कुछ है।
   महात्मा गांधी पार्क: महात्मा गांधी पार्क आदिलाबाद शहर के मध्य स्थित है। पार्क का प्राकृतिक परिवेश पर्यटकों को खास शांति प्रदान करता है। वनस्पतियों की प्रचुरता पर्यटकों को एक खास सुगंध से तरोताजा रखती हैं। पर्यटक यहां एक ऊर्जा का एहसास करते हैं।

  बासर मंदिर: बासर मंदिर गोदावरी नदी के तट पर विद्यमान है। निजामाबाद से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित यह सुन्दर मंदिर ज्ञान गंगा का स्थान माना जाता है। बासर मंदिर वस्तुत: श्री ज्ञान सरस्वती मंदिर दक्षिण भारत का प्रमुख स्थान है।

   यह स्थान विद्या की देवी सरस्वती को समर्पित है। मान्यता है कि शांति की खोज में ऋषि व्यास ने यहां देवी सरस्वती की आराधना की थी। देवी सरस्वती ने आराधना से प्रसन्न होकर ऋषि व्यास को यहां दर्शन दिये थे।
  खास यह कि यहां सरस्वती, लक्ष्मी एवं काली विद्यमान है। हालांकि मंदिर मुख्यत: सरस्वती को समर्पित है। पर्यटक यहां गोदावरी नदी में स्नान कर देवी सरस्वती के दर्शन करते हैं।
  केलसापुर: केलसापुर आदिलाबाद से करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां शेषनाग की विशाल पाषाण प्रतिमा विद्यमान है। यहां नगोबा जात्रा आयोजित की जाती है। यह यहां का मुख्य आकर्षण है। 
   जगन्नाथ मंदिर: जगन्नाथ मंदिर आदिलाबाद से करीब 21 किलोमीटर दूर स्थित है। मान्यता है कि इस दिव्य-भव्य मंदिर का निर्माण पल्लव प्रमुख ने कराया था। मंदिर का वास्तुशिल्प बेहद आकर्षक है। 

  मंदिर का वास्तुशिल्प जैन शैली पर आधारित है। खास यह कि यहां लक्ष्मी नारायण स्वामी महोत्सव बेहद धूमधाम से मनाया जाता है।
  कव्वल वन्य जीव अभयारण्य: कव्वल वन्य जीव अभयारण्य वस्तुत: आदिलाबाद की शान है।

   करीब 893 वर्ग किलोमीटर दायरे मेें फैला यह अभयारण्य दक्षिण भारत का मुख्य आकर्षण है। विभिन्न प्रजातियों के वन्य जीवों से अभयारण्य अनुगूंजित रहता है। यहां सूर्योदय एवं सूर्यास्त का अद्भुत दृश्य पर्यटकों को रोमांचित करता है। 

   कुंटाला फॉल्स: कुंटाला फॉल्स आदिलाबाद से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित है। यह कदम नदी का हिस्सा है। यह फॉल्स करीब 45 मीटर ऊंचाई से नीचे गिरता है। चौतरफा वनस्पतियों का सघन क्षेत्र एक खास सुगंध प्रदान करता है।

   इस शानदार झरना के निकट ही भगवान शिव की विशाल प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा को सोमेश्वर के नाम से ख्याति हासिल है।
   आदिलाबाद की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट हैदराबाद एयरपोर्ट है। निकटतम रेलवे स्टेशन आदिलाबाद जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी आदिलाबाद की यात्रा कर सकते हैं।
17.417500,78.709720

No comments:

Post a Comment

शांति निकेतन: सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर    शांति निकेतन को आध्यात्मिक धरोहर कहा जाना चाहिए। जी हां, शांति निकेतन संस्कृति, परम्परा...