लोधी गार्डेन: प्राचीन सौन्दर्य
लोधी गार्डेन को खूबसूरती का इन्द्रधनुषी आयाम कहा जाना चाहिए। भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का यह प्राचीन एवं एतिहासिक उद्यान एक राष्ट्रीय धरोहर है।
नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित लोधी गार्डेन की सुन्दरता अति दर्शनीय है। लोधी गार्डेन को लेडी विलिंगटन पार्क भी कहा जाता है। वस्तुत: दिल्ली के इस बेहद पसंदीदा उद्यान को ब्रिटिश हुकूमत ने पुर्ननिर्माण करा कर सुन्दर आयाम दिया था।
लेडी विलिंगटन शासक विलिंगटन के माक्र्वेंस की पत्नी थीं। विलिंगटन 1931 से 1936 तक भारत के ब्रिटिश गवर्नर जनरल थे।
स्वाधीनता के बाद विलिंगटन पार्क का नाम बदल कर लोधी उद्यान रख दिया गया। इस उद्यान का एक बार फिर पुर्ननिर्माण 1968 में किया गया।
विशेषज्ञों की मानें तो लोधी गार्डेन का वास्तुशिल्प जोसेफ एलन स्टीन एवं गेटेट ईको ने तैयार किया था। खास यह कि इस क्षेत्र में कई शानदार स्मारक हैं। जिसमें मोहम्मद शाह एवं सिकंदर लोदी के मकबरे हैं।
खास तौर से यहां लोदी राजवंश का वास्तुशिल्प दर्शनीय है। मकबरा का निर्माण 15 वीं शताब्दी में किया गया था। मोहम्मद शाह के मकबरा का निर्माण 1444 में अलाउद्दीन आलम शाह ने कराया था।
विशेषज्ञों की मानें तो लोधी गार्डेन बनने से पहले यह इलाका एक सुन्दर गांव था। वर्ष 1936 में इस गांव को बेहतरीन तौर तरीके एवं सलीके से बसाया गया।
मोहम्मद शाह लोदी सैयद राजवंश के तीसरे शासक थे। शाह का शासनकाल इसलिए भी जाना पहचाना जाता है क्योंकि उनकी वीरता का कोई सानी नहीं था।
यहां सिकंदर लोदी का मकबरा भी खास है। बड़ा गुम्बद भी लोधी गार्डेन की खूबसूरती एवं प्राचीनता का एक शानदार हिस्सा है।
मोहम्मद शाह के मकबरा से करीब 300 मीटर दूर एक आलीशान मकबरा है। इस मकबरा दफन शव की पहचान नहीं हो पायी थी।
किन्तु इतना अवश्य है कि सिकंदर लोदी के शासनकाल में वह कोई बड़ा पदाधिकारी था। मकबरा एवं उसके आसपास इस्लामी नक्काशी एवं कुरान की आयतें दर्ज हैं।
शीश गुम्बद भी लोधी गार्डेन की शान है। इस दोमंजिला इमारत में वास्तुशिल्प अति दर्शनीय है। इसके अंदर कई कब्रा हैं।
मान्यता है कि इसका निर्माण मुगल शासक सिकंदर लोदी के शासनकाल में किया गया था। मकबरा में शीशे की टाइल्स का सौन्दर्य कुछ अलग ही प्रतीत है।
खास अलंकरण के कारण ही इसे शीश गुम्बद कहा जाता है। अठपुला भी खास दर्शनीय है। अठपुला सिकंदर लोदी के मकबरा से कुछ दूर सात मेहराबों वाला एक शानदार पुल है।
इस पुल के मेहराबों का फैलाव कुछ अधिक है। इस शानदार पुल में आठ खम्भे हैं। इसका निर्माण मुगल शासक ने कराया था।
विशेषज्ञों की मानें तो इस अठपुला का निर्माण बादशाह अकबर के शासनकाल में नवाब बहादुर ने कराया था।
वस्तुत: लोधी गार्डेन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की शान है। चौतरफा हरे-भरे मखमली घास के लॉन बेहद अच्छे प्रतीत होते हैं।
लोधी गार्डेन चौतरफा प्राचीन मुगल शासकों की कब्रा, स्मारक एवं संरचनाओं से आच्छादित है। इसे एक शानदार हेरिटेज वॉक प्वाइंट भी कह सकते हैं।
यहां का अद्भुत एवं सुरम्य दृश्य दिलों में उतर जाते हैं। बाग-बगीचों का आनन्द मन एवं तन को प्रफुल्लित कर देता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से देखें तो लोधी गार्डेन बेहद ऊर्जावान है।
चौतरफा आैषधीय वनस्पतियों का आच्छादन पर्यटकों को भरपूर आक्सीजन प्रदान करता है। यहां फेफडों को मानों पंख लग जाते हों।
इसे ग्रीन हाउस भी कह सकते हैं। इस शानदार प्राचीन उद्यान में फव्वारे, तालाब, फुलवारी, जॉगिंग ट्रैक आदि बहुत कुछ है।
करीब 90 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस पार्क को अद्भुत कहा जा सकता है। पक्षियों का कलरव एवं कोलाहल भी पर्यटकों को बेहद कर्णप्रिय प्रतीत होता है। यहां पक्षियों की असंख्य प्रजातियां विचरण करती हैं। उद्यान को एक शानदार बोटैनिकल गार्डेन भी कह सकते हैं।
लोधी गार्डेन की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट इन्दिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली है। निकटतम रेलवे स्टेशन नई दिल्ली जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी लोधी गार्डेन की यात्रा कर सकते हैं।
28.589970,77.217640
28.589970,77.217640












No comments:
Post a Comment