ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क: अद्भुत सौन्दर्य
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के प्राकृतिक सौन्दर्य का कोई जोड़ नहीं। जी हां, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में चौतरफा प्राकृतिक सौन्दर्य की निराली इन्द्रधनुषी छटा दिखती है।
भारत के हिमाचल प्रदेश के कुल्लू का यह सुन्दर राष्ट्रीय उद्यान वैश्विक पर्यटकों का बेहद पसंदीदा एरिया है।
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क समुद्र तल से करीब 1500 मीटर ऊंचाई से लेकर 6000 मीटर की ऊंचाई तक स्थित है।
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क समुद्र तल से करीब 1500 मीटर ऊंचाई से लेकर 6000 मीटर की ऊंचाई तक स्थित है।
इसे खास तौर से आैषधीय वनस्पतियों खजाना कहें तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। कुल्लू जिला का यह सुन्दर राष्ट्रीय उद्यान करीब 1171 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। वर्ष 1984 में इसे विधिवत राष्ट्रीय उद्यान के रूप में स्थापित किया गया।
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ साथ प्रचुर आैषधीय वनस्पतियों एवं वन्य जीवन के लिए खास तौर से प्रसिद्ध है।
विशेषज्ञों की मानें तो ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में 375 से अधिक प्रजातियों के वन्य जीव संरक्षित हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में 375 से अधिक प्रजातियों के वन्य जीव संरक्षित हैं।
इनमें खास तौर से 31 स्तनधारी, पक्षियों की 181 प्रजातियां, 3 सरीसृप, 9 उभयचर, 11 कुण्डलाकार, 17 मोलस्क एवं कीड़ों की 17 प्रजातियों सहित बहुत कुछ है।
विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को वर्ष 2014 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया था। इस विश्व विरासत की विहंगमता अति दर्शनीय है।
खास यह कि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को जैव विविधिता संरक्षण के लिए उत्कृष्ट महत्व के तहत विशिष्ट दर्जा दिया गया है।
विशेषज्ञों की मानें तो यह दुनिया के दो प्रमुख बाहुल्य क्षेत्रों का जंक्शन है। दक्षिण का प्राच्य एवं उत्तर में पुरापाषाण है। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की वन वनस्पतियां एवं वन अत्यधिक विस्तारित हैं।
उत्तरी पश्चिमी हिमालय के उच्च ऊंचाई वाले पारिस्थितिकी तंत्र में एशियाई पौधे काफी कुछ खास एवं विशिष्ट हैं।
खास तौर से ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के 4100 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्र में वनस्पतियों की विशिष्टता दर्शनीय है। वनस्पतियों एवं वन्य जीव श्रंखला का अद्भुत संगमन यहां दर्शनीय होता है।
घाटियों-वादियों से आच्छादित ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में नीली भेड़, हिम तेंदुआ, हिमालयी भूरा भालू, हिमालयी तहर, कस्तूरी मृग आदि इत्यादि प्रवास करते हैं।
खास यह कि समुद्र तल से करीब 3500 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ खास वन्य जीव अनुकूल परिवेश पाते हैं।
शरद ऋतु में इन हिमालयी जीव जन्तुओं के दर्शन किये जा सकते हैं। बुलंद पाइंसलैण्ड ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की खूबसूरती का एक आयाम है।
वन आच्छादित पर्वत श्रंखला एक रोमांचक अनुभूति कराते हैं। अल्पाइन एवं अन्य वनस्पतियों की सुगंध पर्यटकों को कुछ खास ताजगी प्रदान करते हैं।
खास यह कि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में वनस्पतियों की एक अन्तहीन विविधिता दिखती है। मखमली घास के स्पर्श पर्यटकों को एक सुखद एहसास कराता है। विशेषज्ञों की मानें तो सबलपाइन जोन वनस्पतियों का अति समृद्ध इलाका है।
विविधिता एवं दुर्लभ वनस्पतियों की उपलब्धता को देखते हुए इसे वर्ष 1999 में राष्ट्रीय उद्यान से अलंकृत किया गया है। वन्य जीवन की समृद्धता भी यहां देखते ही बनती है।
हिमालयन भूरा भालू, मस्क डीयर, ब्रााउन बीयर, गोराल, थार, चीता, बरफानी चीता, बरफानी कौआ आदि इत्यादि यहां की विशिष्टता हैं। खास यह कि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क क्षेत्र पार्वती नदी का उद्गम स्थल भी है।
ग्लैशियर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की शान एवं शोभा हैं। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की यात्रा का सबसे बेहतरीन समय शरद ऋतु है। खास यह कि बर्फबारी का आनन्द लेना हो तो शरद ऋतु में यहां प्रवास करना चाहिए।
चौतरफा बर्फ से आच्छादित पर्वत श्रंखलायें पर्यटकों को मुग्ध कर लेती हैं। झीलों-झरनों, नदियों का यहां तीर्थ जैसा परिवेश देखने को मिलता है।
खास यह कि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को जैव विविधिता संरक्षण के लिए उत्कृष्ट महत्व के तहत विशिष्ट दर्जा दिया गया है।
विशेषज्ञों की मानें तो यह दुनिया के दो प्रमुख बाहुल्य क्षेत्रों का जंक्शन है। दक्षिण का प्राच्य एवं उत्तर में पुरापाषाण है। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की वन वनस्पतियां एवं वन अत्यधिक विस्तारित हैं।
उत्तरी पश्चिमी हिमालय के उच्च ऊंचाई वाले पारिस्थितिकी तंत्र में एशियाई पौधे काफी कुछ खास एवं विशिष्ट हैं।
खास तौर से ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के 4100 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्र में वनस्पतियों की विशिष्टता दर्शनीय है। वनस्पतियों एवं वन्य जीव श्रंखला का अद्भुत संगमन यहां दर्शनीय होता है।
घाटियों-वादियों से आच्छादित ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में नीली भेड़, हिम तेंदुआ, हिमालयी भूरा भालू, हिमालयी तहर, कस्तूरी मृग आदि इत्यादि प्रवास करते हैं।
खास यह कि समुद्र तल से करीब 3500 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ खास वन्य जीव अनुकूल परिवेश पाते हैं।
शरद ऋतु में इन हिमालयी जीव जन्तुओं के दर्शन किये जा सकते हैं। बुलंद पाइंसलैण्ड ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की खूबसूरती का एक आयाम है।
वन आच्छादित पर्वत श्रंखला एक रोमांचक अनुभूति कराते हैं। अल्पाइन एवं अन्य वनस्पतियों की सुगंध पर्यटकों को कुछ खास ताजगी प्रदान करते हैं।
खास यह कि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में वनस्पतियों की एक अन्तहीन विविधिता दिखती है। मखमली घास के स्पर्श पर्यटकों को एक सुखद एहसास कराता है। विशेषज्ञों की मानें तो सबलपाइन जोन वनस्पतियों का अति समृद्ध इलाका है।
विविधिता एवं दुर्लभ वनस्पतियों की उपलब्धता को देखते हुए इसे वर्ष 1999 में राष्ट्रीय उद्यान से अलंकृत किया गया है। वन्य जीवन की समृद्धता भी यहां देखते ही बनती है।
हिमालयन भूरा भालू, मस्क डीयर, ब्रााउन बीयर, गोराल, थार, चीता, बरफानी चीता, बरफानी कौआ आदि इत्यादि यहां की विशिष्टता हैं। खास यह कि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क क्षेत्र पार्वती नदी का उद्गम स्थल भी है।
ग्लैशियर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की शान एवं शोभा हैं। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की यात्रा का सबसे बेहतरीन समय शरद ऋतु है। खास यह कि बर्फबारी का आनन्द लेना हो तो शरद ऋतु में यहां प्रवास करना चाहिए।
चौतरफा बर्फ से आच्छादित पर्वत श्रंखलायें पर्यटकों को मुग्ध कर लेती हैं। झीलों-झरनों, नदियों का यहां तीर्थ जैसा परिवेश देखने को मिलता है।
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट कुल्लू-मनाली एयरपोर्ट भुन्तर है। चण्डीगढ़ एयरपोर्ट से भी ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की यात्रा की जा सकती है।
निकटतम रेलवे स्टेशन जोगिन्दर नगर जंक्शन है। जोगिन्दर नगर रेलवे स्टेशन से ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की दूरी करीब 125 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की यात्रा कर सकते हैं।
31.912800,77.174300
निकटतम रेलवे स्टेशन जोगिन्दर नगर जंक्शन है। जोगिन्दर नगर रेलवे स्टेशन से ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की दूरी करीब 125 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की यात्रा कर सकते हैं।
31.912800,77.174300












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