एलीफेंटा गुफाएं: अद्भुत प्राचीन संरचना
एलीफेंटा गुफाओं को भारतीय सभ्यता एवं सांस्कृतिक अतीत की सुन्दर संरचना कहा जाना चाहिए। एलीफेंटा गुफाएं वस्तुत: मुम्बई के निकट एक द्वीप पर स्थित हैं।
महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित एलीफेंटा गुफाएं मूर्ति संरचना की एक शानदार एवं सजीव उत्करण है।
इस स्थान को गुफाओं के नाम से ही एलीफेंटा द्वीप के नाम से जाना पहचाना जाता है। खास यह कि इस श्रंखला को धारपुरी के नाम से भी जाना जाता है।
एलीफेंटा गुफाओं में असंख्य पुरातात्विक अवशेष विद्यमान हैं। इसे भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का सुन्दर आयाम भी कहा जाना चांिहए।
यह प्राचीन गुफाएं अपनी रॉक-कट संरचनाओं, मूर्तियों एवं नक्काशी के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। यह गुफाएं भारत का एक अति समृद्ध इतिहास है। इन गुफाओं में भगवान शिव को विभिन्न रूप एवं स्वरूपों में दर्शित किया गया है।
गुफाओं में शिव का सदाशिव स्वरूप दिखता है। शिव के सभी तीन पक्षों को अति सहजता एवं सुन्दरता से प्रदर्शित किया गया है।
इनमें खास तौर से शिव को निर्माता, संरक्षक एवं विध्वंसक स्वरूप में दर्शित किया गया है।
खास यह कि इसकी संरचना बेहद जटिल एवं सुन्दर है। एलिफेंटा गुफाएं ठोस बेसाल्ट चट्टानों पर उत्कीर्ण हैं। यह गुफा मुम्बई की पूर्व दिशा में करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित हैं। एलीफेंटा गुफाओं की ख्याति वैश्विक स्तर पर है।
पौराणिक देवी-देवताओं एवं आराध्य की सुन्दर एवं दिव्य-भव्य मूर्तियां यहां प्रतिष्ठापित हैं। इन मूर्तियों में सर्वाधिक लोकप्रिय शिव की त्रिमूर्ति है।
मूर्ति संरचना के यहां इन्द्रधनुषी रंग दिखते हैं। खास यह कि एलिफेंटा गुफाएं वैश्विक पर्यटकों के विशेष आकर्षण का केन्द्र हैं।
यह स्थान एलीफेंटा की 7 गुफाओं का संगमन है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण महेश मूर्ति गुफा है। एलीफेंटा की यह पहाड़ी शैलोत्कीर्ण है। जिसमें उमा महेश गुहा मंदिर है।
इसकी संरचना करीब 8वीं शताब्दी की है। हालांकि एलीफेंटा एक छोटा सा द्वीप है लेकिन इस द्वीप की ख्याति वैश्विक स्तर पर है।
करीब 7.2 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला यह शानदार एवं सुन्दर द्वीप बेहद दर्शनीय है। वस्तुत: इस द्वीप पर दो पहाड़ियां हैं। इन दोनों पहाड़ियों के मध्य एक अति संकीर्ण घाटी है।
विशेषज्ञों की मानें तो इस अति प्राचीन द्वीप का प्राचीन नाम धारापुरी है। चूंकि यह द्वीप एलीफेंटा गुफाओं से ख्याति रखता है।
लिहाजा अब इसे एलीफेंटा द्वीप कहा जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो इसे कभी द्वीप पोरी एवं पुरी के नाम से भी प्रसिद्धि हासिल थी। इन पहाड़ियों के पाश्र्व एवं आंतरिक क्षेत्र में संरचना की गयी है।
चट्टानों को तराश कर पांच गुफाओं की वृहद संरचना की गयी है। इन पांच गुफाओं की विशिष्टता अलग ही दर्शनीयता रखती हैं।
खास यह कि दो गुफाएं लघु स्वरूप में है। इस प्रकार यहां कुल 7 गुफाएं हैं। खास यह कि इन पांच गुफाओं को शैव गुफाएं माना जाता है।
कुछ बौद्ध स्तूप एवं टीले भी हैं। यह गुफाएं हिन्दू दर्शन, बौद्ध दर्शन के साथ साथ प्रतिमाएं विज्ञान का समन्वयन भी दर्शाती हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो शिव की मूर्तियां एवं अन्य समस्त संरचनाएं गुप्तकालीन हैं। विशेषज्ञों की मानें तो यह क्षेत्र कभी कोंकणी मौर्य की द्वीप राजधानी था।
प्राचीन काल में पुर्तगालियों का भी यहां आधिपत्य रहा है। राजघाट पर हाथी की विशाल मूर्ति अवस्थित है। शायद इसी कारण इसे एलीफेंटा गुफाओं एवं द्वीप का नाम दिया गया है।
एलीफेंटा गुफाओं की कलात्मकता अति दर्शनीय है। मुम्बई के गेटवे आफ इण्डिया से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित एलीफेंटा गुफाओं की संरचना वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
एलीफेंटा द्वीप पर पर्यटकों को प्राकृतिक सौन्दर्य शास्त्र का अध्ययन कराने के लिए पर्यटन रेल भी संचालित है। जिससे पर्यटक द्वीप पर घूम कर प्राकृतिक सौन्दर्य का आनन्द ले सकते हैं।
एलीफेंटा गुफाओं की विशिष्टताओं एवं प्राकृतिक सौन्दर्य के कारण यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर श्रंखला में शामिल किया है। वर्ष 1987 में यूनेस्को ने गुफाओं को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था।
खास यह कि यह स्थान शिव मंदिरों की श्रंखला से आच्छादित है। गुफाओं की नक्काशी हिन्दू पौराणिक कथाओं का सजीव वर्णन एवं चित्रण करती हैं।
एक विशाल शिलाखण्ड पर त्रिमूर्ति सदाशिव संरचित हैं। नृत्य करते भगवान नटराज एवं योग करते शिव योगीश्वर के रूप में विद्यमान हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो 1970 के दशक में इसे स्मारक घोषित किया गया। एलीफेंटा गुफाओं का रखरखाव एवं संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन है। गुफाओं की विशेषता पर्यटकों को खुद-ब-खुद आकर्षित करती है।
एलीफेंटा गुफाओं की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट छत्रपति शिवाजी इण्टरनेशल एयरपोर्ट मुम्बई है। निकटतम रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी टर्मिनल रेलवे स्टेशन एवं लोकमान्य तिलक टर्मिनल रेलवे स्टेशन हैं। पर्यटक सड़क मार्ग से भी एलीफेंटा गुफाओं की यात्रा कर सकते हैं।
19.135000,72.793440
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