Friday, 11 January 2019

बेसिलिका बोम जीसस चर्च: अद्भुत संरचना

   बेसिलिका बोम जीसस चर्च की सुन्दरता का कोई जोड़ नहीं। बेसिलिका बोम जीसस चर्च के शिल्प सौन्दर्य एवं स्थापत्य कला को अद्भुत कहा जाना चाहिए। 

   जी हां, गोवा का यह चर्च अति प्राचीन एवं बेहद दर्शनीय है। विलक्षण स्थापत्य कला, शिल्प सौन्दर्य एवं वास्तुकला की शानदार संरचना बेसिलिका बोम जीसस चर्च को यूनेस्को ने विश्व धरोहर श्रंखला में शामिल किया है।

   विश्व विरासत सूची की यह संरचना वैश्विक पर्यटकों की अति पसंदीदा है। खास तौर के गोवा के प्रमुख पर्यटन स्थल में बेसिलिका बोम जीसस चर्च को शीर्ष पर गिना जाता है। भारत के गोवा में स्थित यह चर्च देश का पहला बेसिलिका है।

  विशेषज्ञों की मानें तो यह चर्च देश का सर्वाधिक लोकप्रिय चर्च है। ईसाई धर्म में बेसिलिका बोम जीसस चर्च मील का पत्थर है।
   विशेषज्ञों की मानें तो बोम जीसस का शाब्दिक अर्थ पवित्र जीसस है। इसे भारत में बारोक वास्तुकला का सबसे अच्छा उदाहरण माना जाता है।

  पुराने गोवा स्थित इस चर्च की संरचना बेहद विहंगम है। चर्च का निर्माण 1594 में प्रारम्भ हुआ था। चर्च को बनाने में करीब 11 वर्ष का समय लगा था।
   सर्वप्रथम इसे 1605 में आर्कबिशप डोम फ्रा ने संरक्षित किया था। ईसाई धर्म के इतिहास में यह चर्च बेसिलिका बोम जीसस चर्च विश्व धरोहर के तौर पर उभरा। 

   विशेषज्ञों की मानें तो सेंट फ्रांसिस जेवियर का अंश इसमें शामिल है। सेंट का मुख्य स्थान बेसिलिका बोम जीसस चर्च ही था।
   हालांकि फ्रांसिस जेवियर की मृत्यु सैंसियन द्वीप पर हुयी थी। इस संत के अवशेष आज भी देश दुनिया को आकर्षित करते हैं। 

   विशेषज्ञों की मानें तो संत को चिकित्सा विज्ञान का चमत्कार कहा जाता है। इसे चमत्कारिक शक्तियां भी माना जाता है।

  भारत के गोवा स्थित इस अति प्राचीन चर्च बेसिलिका बोम जीसस चर्च की सुन्दर संरचना पर्यटकों को मुग्ध कर लेती है। संगमरमर का शानदार फर्श बेशकीमती माना जाता है। 

   चर्च का आंतरिक क्षेत्र बेहद सुसज्जित एवं आकर्षक है। बारोक शैली को रेखांकित करने वाले इस चर्च की मुख्य वेदी को स्वर्ण अंश बेहद सुन्दर बना देता है। इसके अलावा लोयोला के इग्नाटियस पर सोने का पानी चढ़ा है। 

   चर्च में हाय मोजी कुड शब्द से अलंकृत परिवेश बेहद शांत रहता है। हाय मोजी कुड का कोंकडी में अर्थ होता है कि मेरा शरीर है।
   बेसिलिका बोम जीसस चर्च खास तौर से सेंट फ्रांसिस जेवियर के जीवन संघर्ष को रेखांकित करता है। 

  समाधि स्थल के शीर्ष पर चांदी का ताबूत रखा है। विशेषज्ञों की मानें तो सेंट का शरीर 1696 में रखा गया था। खास यह कि बेसिलिका बोम जीसस चर्च के एक हिस्से में बेसिलिका बोम आर्ट गैलरी है। 

   जिस पर गो मार्टिन के चित्रकार ने कार्य किया था। चार सौ से अधिक वर्ष पुराना यह चर्च पर्यटकों को ईसाई धर्म के हर पवित्र आयाम का दर्शन कराता है। विशेष यह कि बेसिलिका बोम जीसस चर्च पर सेंट की स्मृति में प्रदर्शनी आयोजित की जाती है।

  इसमें चर्च के आंतरिक क्षेत्र के सुन्दर छवियां भी शामिल होती हैं। यह भित्ति चित्र दर्शकों-पर्यटकों को बेहद लुभाते हैं।
    बेसिलिका बोम जीसस चर्च की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट पणजी एयरपोर्ट है।
  एयरपोर्ट से बेसिलिका बोम जीसस चर्च की दूरी करीब 10 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी बेसिलिका बोम जीसस चर्च की यात्रा कर सकते हैं।
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