Tuesday, 1 January 2019

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा

   स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को दुनिया का दिव्य-भव्य स्मारक कहा जाना चाहिए। जी हां, भारत के गुजरात प्रांत का यह विहंगम स्मारक अद्भुत एवं अनूठा है। 

  वस्तुत: यह स्मारक देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं प्रथम गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल को समर्पित है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्मारक गुजरात के सरदार सरोवर बांध से करीब 3.20 किलोमीटर दूर साधु बेट नामक स्थान पर स्थित है।
  स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की आदमकद प्रतिमा विद्यमान है।

    स्वर्गीय पटेल की यह प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई 182 मीटर अर्थात 597 फुट है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की कुल ऊंचाई 240 मीटर है। इसमें प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर है। इसका आधार करीब 58 मीटर ऊंचा है। 
  इस प्रकार स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की कुल ऊंचाई 240 मीटर है। वस्तुत: यह स्थान गुजरात स्थित नर्मदा नदी का एक विहंगम टापू है। नर्मदा जिला के केवड़िया स्थित विहंगम स्मारक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी अति दर्शनीय है। 

   इस दिव्य-भव्य स्मारक को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। 
  वैश्विक आधार पर देखें तो चीन स्थित स्प्रिंग टैम्पल बुद्ध की आधार सहित ऊंचाई 153 मीटर है। खास यह कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का कुल वजन करीब 1700 टन है। 
   विशेषज्ञों की मानें तो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्वत: अद्भुत एवं विलक्षण है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण राम वी सुतार की देखरेख में किया गया है। उल्लेखनीय है कि सुतार को भारत सरकार ने 2016 में पद्म भूषण से अलंकृत किया है।
   हालांकि इसके पहले भी 1999 में पद्मश्री से अलंकृत किया गया था। विशेषज्ञों की मानें तो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है। 

   ऊंचाई में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने दुनिया को बहुत पीछे छोड़ दिया है। खास यह कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की 153 मीटर ऊंचे दर्शक दीर्घा से स्मारक की दिव्यता-भव्यता के साथ ही आसपास का विहंगम दृश्य भी आसानी से देख सकते हैं। 
  दर्शक दीर्घा से सरदार सरोवर बांध, जलाशय, सतपुड़ा एवं विंध्य पर्वत श्रंखलाओं का मनोरम दृश्य अवलोकित होता है।

   इस प्रतिमा के आंतरिक क्षेत्र में दो हाई स्पीड लिफ्ट भी हैं। दर्शक दीर्घा पर एक साथ 200 से अधिक पर्यटकों के लिए स्थान है। सरदार पटेल संग्रहालय भी शानदार स्थल है। 
   संग्रहालय सरदार पटेल के जीवन से जुड़ी घटनाओं को रेखांकित करता है। लाइट एण्ड साउण्ड शो पर्यटकों को सम्पूर्ण जानकारी एवं मनोरंजन प्रदान करता है।

   खास यह कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी गुजरात का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल है। विशेषज्ञों की मानें तो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने एक दिन में 27000 से अधिक पर्यटक पहंुचे। 
  स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण पर करीब 3001 करोड़ की धनराशि खर्च की गयी।

    इस प्रकार देखें तो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण पर 438.15 मिलियन अमेरिकी डालर खर्च हुये। खास यह कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण 5 वर्ष की अवधि में हो सका।
   विशेषज्ञों की मानें तो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का 31 अक्टूबर 2013 को शिलान्यास किया गया था। 

  इसके पांच वर्ष बाद 31 अक्टूबर 2018 को इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया। खास यह रहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण के लिए किसानों से लौह दान लिया गया। उल्लेखनीय है कि सरदार बल्लभ भाई पटेल लौह पुरुष भी कहा जाता है। 

   किसानों से लौह दान पुराने कृषि उपकरण, बेकार-खराब लौह वस्तुओं के रूप में लिया गया। लौह दान लेने का कार्य सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट ने किया।
   इसके लिए देश में 36 कार्यालय खोले गये थे। लौह दान में 5 लाख किसानों ने लौह दान किया था।

   इसमें करीब 5000 मीट्रिक टन लौह संग्रहित किया गया था। हालांकि इस लोहे का उपयोग मुख्य प्रतिमा में न होकर परियोजना के अन्य कार्य में किया गया। 
   स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण में लोहा, कांस्य एवं कंक्रीट का उपयोग किया गया है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण त्रिस्तरीय है। इसमें आधार, प्रदर्शनी फ्लोर, छज्जा एवं छत आदि हैं। 

   स्मारक उपवन व विशाल संग्रहालय अति दर्शनीय है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर एक अत्याधुनिक पब्लिक प्लाजा भी है। 
  यहां से नर्मदा नदी एवं प्रतिमा आसानी से देख सकते हैं। इसकी विलक्षणता एवं दर्शनीयता को देखते हुए इसे देश का महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आकर्षण कहना चाहिए।
   स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट बडोदरा है। बडोदरा एयरपोर्ट से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की दूरी करीब 90 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन बडोदरा जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की यात्रा कर सकते हैं।
21.837915,73.719055

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