Thursday, 17 May 2018

सूर्य मंदिर महोबा : नायाब वास्तुकला

     राहिला सागर के पश्चिम में स्थित सूर्य मंदिर वास्तुशिल्प का सुन्दर अलंकरण है। उत्तर प्रदेश के महोबा जिला स्थित यह सूर्य मंदिर अपनी सुन्दरता के लिए देश विदेश में शिखर की ख्याति रख चुका है।

    इस दिव्य-भव्य मंदिर का निर्माण राहिला के चंदेल शासक वंशजों ने 9 वीं शताब्दी में कराया था। राहिला सागर का यह सूर्य मंदिर दुनिया के खूबसूरत मंदिरों में एक माना गया।
    चंदेल शासक राजा राहिल देव बर्मन ने ईसवी 890 से 910 की अवधि में कराया था। विशेषज्ञों की मानें तो ओडिशा के कोणार्क सूर्य मंदिर की भांति ही महोबा के सूर्य मंदिर की भी अनूठी स्थापत्य कला है। सूर्य मंदिर के निर्माण में खास तौर से पंचायतन शैली का उपयोग किया गया।
    इसमें बहुतायत में ग्रेनाइट पत्थरों का उपयोग किया गया। सूर्य मंदिर का निर्माण ईसवी 915 में पूरा हो सका था। सूर्य मंदिर की सुन्दरता, अतुलनीयता एवं विलक्षणता को देख कर विश्व धरोहर की श्रेणी में रखा गया।
    महोबा का यह सूर्य मंदिर खजुराहो के अतुलनीय मंदिरों का ही हिस्सा माना गया। खास यह रहा कि खजुराहों के सुन्दर मंदिरों का निर्माण चंदेल वंशज राजाओं ने कराया था। चंदेल वंशज राजाओं ने ही महोबा के सूर्य मंदिर का भी निर्माण कराया था। 
    विशेषज्ञों की मानें तो चंदेल वंशज राजा सूर्य उपासक थे। लिहाजा महोबा में सूर्य मंदिर का निर्माण कराया गया था। करीब एक हजार वर्ष से भी अधिक प्राचीन इस मंदिर में भगवान भाष्कर अर्थात सूर्य के अलावा ब्रह्मा, विष्णु, महेश, गणेश एवं देवियों की भी मूर्तियां प्राण प्रतिष्ठित थीं।
    मंदिर में प्रवेश के लिए तीन द्वार हैं। यज्ञ के लिए मंदिर के बगल में ही विशाल सूूरज कुण्ड भी बनवाया गया था। परिसर में काली जी की भी प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठित है। स्नान के लिए एक भव्य-दिव्य कुण्ड है। यह कुण्ड 50 फुट लम्बा एवं 50 फुट चौड़ा था। गहराई भी 50 फुट है।
    स्नान करने के लिए नीचे तक पहंुच को सीढ़ियां है। कार्तिक मास की पूर्णिमा पर भव्य-दिव्य मेला आयोजन की परम्परा अभी भी चली आ रही है। समय के साथ इस मंदिर की सुन्दरता का बहुत कुछ क्षतिग्रस्त हो चुका है।
    विशेषज्ञों की मानें तो महोबा का यह सूर्य मंदिर बुंदेलखण्ड की अतुलनीय धरोहर है। खास यह है कि देश के दस चुनिंदा प्राचीन सूर्य मंदिरों में से महोबा का सूर्य मंदिर एक है। यह इलाका उत्तर प्रदेश का सीमा क्षेत्र है। मध्य प्रदेश से जुड़ा होने के कारण अधिकतर आवागमन के संसाधन मध्य प्रदेश से जुड़ते है।
     महोबा सूर्य मंदिर की यात्रा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट खजुराहो है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से करीब 600 किलोमीटर है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 400 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन खजुराहो है। सड़क मार्ग से भी यात्रा कर सकते हैं।
25.264219,79.842934

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