आगरा का किला : प्राचीन सुन्दर धरोहर
आगरा का किला स्थापत्य कला का एक शानदार आयाम है। उत्तर प्रदेश के शहर आगरा में स्थित आगरा का किला लाल बलुआ पत्थरों की सुन्दर इमारत है।
आगरा का किला विश्व प्रसिद्ध स्मारक श्रंखला की श्रेष्ठतम धरोहर है। इमारत की विशिष्टता के कारण यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल किया है।
इसे मुख्यत: मुगल शासकों का शासन स्थली माना जाता रहा है। मुगल शासकों की सर्वाधिक सम्पत्ति, खजाना एवं टकसाल यहीं थी। आगरा का किला मुख्यत: र्इंटों से बना किला है लेकिन इसका बाह्य क्षेत्र लाल बलुआ पत्थरों से आच्छादित है।
विशेषज्ञों की मानें तो किला कभी चौहान वंश के राजपूतों की सल्तनत था लेकिन महमूद गजनवी की सेना ने इस पर कब्जा कर लिया था। तत्पश्चात कालांतर में मुगल शासकों का इस किला पर आधिपत्य रहा। ब्रिाटानिया हुकूमत ने भी इसे बतौर राजधानी उपयोग किया। ताजमहल से करीब 2.5 किलोमीटर दूर स्थित आगरा का किला पर्यटकों के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में है। लाल बलुुआ पत्थरों की इस शानदार इमारत की भव्यता-दिव्यता देखते ही बनती है।
खास यह रहा कि आगरा का किला को वर्ष 2004 के लिए आगा खां वास्तु पुरस्कार से अलंकृत किया गया। भारतीय डाक विभाग ने इस स्मृति पर डाक टिकट भी जारी किया। किला की रक्षा-सुरक्षा को ध्यान में रख कर तोपों के झरोखे एवं रक्षा चौकियां भी हैं। किला के दो भव्य-दिव्य द्वार को दिल्ली गेट एवं लाहौर गेट कहते हैं।
आगरा का किला की स्थापत्य कला एवं वास्तुशिल्प बेहद सुन्दर एवं आकर्षक है। किला की इमारतों में बंगाली, गुजराती शैली के साथ-साथ हिन्दू एवं मुगल शैली मिश्रित तौर पर दिखती है। आगरा का किला के आंतरिक विन्यास में खास तौर से खास महल, जहांगीरी महल, मीना मस्जिद, जहांगीर का सिंहासन, अंगूरी बाग, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, स्वर्ण मण्डप आदि बहुत कुछ है।
अंगूरी बाग एक खूबसूरत उद्यान है। दीवान-ए-आम खास तौर से एक मयूर सिंहासन है। दीवान-ए-आम का उपयोग खास तौर से आम जनता से बात करने या फरियादियों की फरियाद सुनने के लिए होता था।
दीवान-ए-खास उच्च मंत्रणा का स्थल होता था। दीवान-ए-खास में मुगल शासक उच्च पदाधिकारियों से मंत्रणा करते थे। काला सिंहासन इसकी विशेषता थी। स्वर्ण मण्डप बंगाली शैली की झोपड़ी की छतों वाला एक सुन्दर स्थान है। जंहागीरी महल खास तौर से जहांगीर के लिए बना था। खास महल श्वेत संगमरमर का एक शानदार महल है।
मछली भवन तालाबों एवं फव्वारों से सुसज्जित जनानखाना था। खास तौर से महिलाओं के उत्सव आयोजित करने वाला एक खूबसूरत स्थान है। मीना मस्जिद एक छोटी खूबसूरत मस्जिद है। मोती मस्जिद शाहजहां की निजी मस्जिद थी।
नगीना मस्जिद खास तौर से दरबार की महिलाओं के लिए निर्मित मस्जिद थी। इसके भीतर जनाना मीना बाजार भी था। इस मीना बाजार में सिर्फ महिलायें ही सामान बेचा करती थीं। नौबत खाना खास तौर से संगीतज्ञों के लिए था।
मुगल शासक नौबत खाना में संगीत सुनते थे। रंग महल रानियों एवं पट रानियों का निवास स्थान था। शाही बुर्ज शाहजहां का निजी क्षेत्र था। शीश महल छोटे जड़ाऊ शीशों का महल था। यह राजसी परिधान बदलने का स्थान था। कुछ यूं कहें कि आगरा का किला में काफी कुछ खास था तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी।
आगरा का किला की यात्रा के लिए आवागमन के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट आगरा है। एयरपोर्ट से आगरा किला की दूरी करीब 7 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन आगरा है। सड़क मार्ग से भी आगरा की यात्रा की जा सकती है।
27.179533,78.021112
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