Sunday, 6 October 2019

सुजानपुर किला : सुन्दर स्थापत्य कला

   सुजानपुर किला की भव्यता-दिव्यता एवं सुन्दरता की कोई तुलना नहीं की जा सकती। खास यह कि सुजानपुर किला कलात्मकता की सुन्दर तस्वीर पेश करता है। 

   शायद इसी लिए सुजानपुर किला को विलक्षण एवं अद्भुत माना जाता है। इसकी स्थापत्य कला अति दर्शनीय है। भारत के हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर का यह शानदार एक पौराणिक एवं ऐतिहासिक धरोहर होने के साथ ही धार्मिक स्थल भी है।

   खास यह है कि सुजानपुर किला हमीरपुर के अति सुन्दर भवनों-इमारतों में से एक है। वस्तुत: यह दिव्य-भव्य किला कांगड़ा-हमीरपुर रियासत की शानदार संरचना है। इस राष्ट्रीय धरोहर की दर्शनीयता पर्यटकों को मुग्ध कर लेती है।

  कांगड़ा पेंटिग्स इस किला को आैर भी अधिक सुन्दर, मोहक एवं शानदार बना देती हैं। सुजानपुर किला का निर्माण कांगड़ा के शासक राजा अभय सिंह ने 1758 में किया था। इस शानदार किला में राजसी वैभव के सभी संसाधन उपलब्ध थे। 

   खास यह कि यह किला राजसी वैभव का शानदार अलंकरण होने के साथ ही दिव्यता-भव्यता का भी गौरव रखता है। व्यास नदी के तट पर विद्यमान सुजानपुर किला अपनी विशालता के लिए जाना पहचाना जाता है।

    राजसी वैभव का सहज अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि सुजानपुर किला में होली का उत्सव बेहद अनुपम एवं शानदार होता है। किला के चौगान मैदान में होली का उत्सव राष्ट्रीयता को बयां करता है। 

    इस किला को कटोच वंश की धरोहर के तौर पर देखा जाता है। इस शानदार महल में 12 भव्य दरवाजे थे। इस कारण से इस राजमहल को बारादरी के नाम सेे भी जाना पहचाना गया।

   बताते हैं कि शासक ने राजाओं के नाम से इन 12 दरवाजों का निर्माण कराया था। भले ही यह राजसी किला अब काफी कुछ खण्डहर में तब्दील हो चुका हो लेकिन पौराणिकता ऐतिहासिकता को बयां करता है। 

   हालात यह कि किला का यह खण्डहर अभी भी राजसी वैभव एवंं ठाठ का एहसास करा देता है। इसे सुजानपुर टीहरा किला के नाम से भी जाना पहचाना जाता है।

   सुजानपुर किला का स्वर्णिम काल काफी कुछ बयां करता है। इस किला में धार्मिक स्थानों की भी एक लम्बी श्रंंृखला विद्यमान है।

  इनमें खास तौर से गौरी शंकर का मंदिर है। कटोच वंश की कुल देवी का मंदिर भी है। इनके अलावा सुजानपुर किला में नरबदेश्वर मंदिर, मुरली मनोहर मंदिर एवं अन्य देव स्थान भी हैं। 

  सुजानपुर किला की विशिष्टता को देखते हुए इसे हिमाचल प्रदेश की पौराणिक धरोहर कहना चाहिए।
सुजानपुर किला की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।

  निकटतम एयरपोर्ट गग्गल एयरपोर्ट कांगड़ा है। गग्गल एयरपोर्ट से सुजानपुर किला की दूरी करीब 108 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन ऊना जंक्शन है। रेलवे स्टेशन से सुजानपुर किला की दूरी करीब 104 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी सुजानपुर किला की यात्रा कर सकते हैं।
31.832900,76.498600

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