Monday, 8 July 2019

चिन्नार अभयारण्य : रोमांच का एहसास

   चिन्नार अभयारण्य को प्रकृति संग सैर कहा जाना चाहिए। चिन्नार अभयारण्य में वन्य जीवन के कोलाहल के साथ ही प्राकृतिक सुन्दरता का हर आयाम दर्शनीय है। 

   चिन्नार अभयारण्य खास तौर से रोमांच के लिए प्रसिद्ध है। वन्य जीवों में सफेद भैंसा इस अभयारण्य की शान एवं शोभा है। भारत के केरल प्रांत के जिला इडुक्की का यह एक शानदार एवं दर्शनीय अभयारण्य है। मुन्नार हिल स्टेशन के निकट स्थित चिन्नार अभयारण्य केरल-तमिलनाडु सीमा पर स्थित है। 

   इस शानदार एवं सुन्दर अभयारण्य में शेर, चीता, बाघ के अलावा हाथी, सांभर, जंगली सुअर, हिरन, मोर आदि इत्यादि संरक्षित हैं। राजमला-उदुमलपेट रोड पर स्थित यह अभयारण्य एक शानदार पर्यटन स्थल भी है। 

   खास यह कि वन विभाग पर्यटकों के लिए ट्रैकिंग, चिन्नार सफारी एवं वॉटर फॉल्स ट्रैकिंग की सेवायें एवं सुविधायें उपलब्ध कराता है। चिन्नार अभयारण्य को एक शानदार अभयारण्य से कहीं अधिक हिल स्टेशन के तौर पर प्रसिद्धि हासिल है। 

   चाय एवं कॉफी के बागान चिन्नार अभयारण्य की खास शोभा एवं शान हैं। देश दुनिया के पर्यटक चिन्नार अभयारण्य की रोमांचक सैर का आनन्द लेने आते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो चिन्नार अभयारण्य स्टार कछुओं के प्रजनन के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 

   पेरियार नेशनल पार्क के बाद चिन्नार अभयारण्य केरल का सबसे बड़ा एवं सुन्दर अभयारण्य है। पश्चिमी घाट इलाके का यह अभयारण्य आैषधीय वनस्पतियों का खजाना है। आैषधीय वनस्पतियों की प्रचुरता इसे काफी कुछ खास बना देती है। 

   इन आैषधीय वनस्पतियों की सुगंध पर्यटकों के दिल एवं दिमाग को एक विशेष ताजगी प्रदान करती है। जिससे पर्यटक खुद को कहीं अधिक तरोताजा महसूस करते हैं। पक्षियों की असंख्य प्रजातियां इस अभयारण्य में संरक्षित हैं। सर्दियोें में मेहमान पक्षियों का भारी तादाद में यहां आते हैं।

   भोजन एवं प्रजनन के लिए विदेश पक्षियों का बड़ी तादाद में यहां प्रवास करना चिन्नार अभयारण्य की विशेषता है। खास यह कि दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों का भी बड़ी तादाद में यहां प्रवास होता है। इन पक्षियों को सर्दियों में चिन्नार अभयारण्य में अनुकूल परिवेश मिलता है। 

   पर्यटक इस अवधि में दुर्लभ पक्षियों को भी देख सकते हैं। सामान्य दशाओं में इस अभयारण्य में 250 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां संरक्षित हैं। चिन्नार अभयारण्य में सामान्य तौर से वर्ष पर्यन्त पर्यटकों की आवाजाही लगी रहती है।

   फिर भी अक्टूबर से अप्रैल के मध्य चिन्नार अभयारण्य की यात्रा का प्लान पर्यटकों को बनाना चाहिए। कारण इस अवधि में चिन्नार अभयारण्य का मौसम काफी अनुकूल रहता है।

   चिन्नार अभयारण्य की खूबसूरती, मौसम के कारण अत्यधिक निखर आती है। बारिश के बाद चौतरफा हरा-भरा दिखता है। सघन वन क्षेत्र में वॉटर फॉल्स का अपना एक अलग ही आकर्षण दिखता है। थूवनम फॉल्स चिन्नार अभयारण्य का मुख्य आकर्षण है। 

   जीवों को देखने के लिए पर्यटक चिन्नार अभयारण्य में कैम्प भी कर सकते हैं। ट्रैकिंग एवं एडवेंचर जैसी गतिविधियों का पर्यटक आनन्द ले सकते हैं। चिन्नार वॉच टॉवर खास है। प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ ही पर्यटक चिन्नार अभयारण्य पर वन्य जीवों के रोमांच का शानदार अनुभव कर सकते हैं।

   चिन्नार अभयारण्य की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट कोचीन एयरपोर्ट है। निकटतम रेेलवे स्टेशन पोलाची जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी चिन्नार अभयारण्य की यात्रा कर सकते हैं।
10.087500,77.061700

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