Wednesday, 3 October 2018

गोवा के चर्च: सुन्दर वास्तुशिल्प

  गोवा के चर्च एवं कांवेंट्स को वास्तुकला का विलक्षण आयाम कहें तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। गोवा के चर्च को एतिहासिक धरोहर का दर्जा दिया गया है।

  खास यह कि गोवा के शानदार एवं आलीशान चर्च यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। दक्षिण भारतीय राज्य गोवा में सुन्दर एवं आलीशान चर्च एवं कांवेंट्स की एक लम्बी श्रंखला है। 

  चर्च एवं कांवेंट्स की इस श्रंखला में खास तौर से देखें तो बॉम जीसस बेसिलिका, सेंट फ्रांसिस चर्च, सेंट कैजटन चर्च, सेंट कैथरीन का चैपल, लेडी रोजरी चर्च, मोंटें हिल चर्च, सेंट एलेक्स चर्च, नोसासेनारा एवं चर्च ऑफ लेडी मिरकल्स आदि हैं। यह चर्च एवं कांवेंट्स एशिया के शीर्ष एवं प्रमुख स्मारकों में से हैं।

   इनकी वास्तु संरचना देश विदेश के पर्यटकों को लुभाती एवं आकर्षित करती है। विशेष तौर से चर्च ऑॅफ बॉम्ब जीसस देश दुनिया में अपने सौन्दर्य के लिए जाना-पहचाना जाता है। गोवा देश विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद में गिना जाता है। 

  पर्यटक गोवा में समुद्र का रोमांच महसूस करने के साथ ही वास्तुशिल्प की विलक्षणता देख कर भी आश्चर्यचकित होते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो गोवा के चर्च एवं कांवेंट्स एक मिशन के तहत बनाये गये थे लेकिन इनकी सुन्दरता ने विशेष बना दिया।
   बेसिका ऑॅफ बॉम जीसस पूर्वी पणजी में स्थित है। यह स्थान गोवा की राजधानी पणजी से करीब 10 किलोमीटर दूर है। इसका निर्माण 16 वीं शताब्दी में कराया गया था।

   विशेषज्ञों की मानें तो बॉम जीसस का अर्थ शिशु जीसस या अच्छे जीसस से होता है। कैथोलिक चर्च को भारत में बरोक वास्तुकला का सर्वोत्तम उदाहरण माना जाता है। इसका विस्तार एवं सजावट अतुलनीय है। 

  चर्च को शानदार एवं श्वेत संगमरमर से सजाया संवारा गया है। भित्ति चित्र एवं आंतरिक शिल्पकला दर्शनीय है। बताते हैं कि बेसिलिका के इस चर्च में सेंट फ्रेंसिस जेवियर के पवित्र अवशेष रखे हैं। जेवियर गोवा के संरक्षक संत थे। उनका देहांत 1552 में हो गया था। 

   संत जेवियर का मकबरा इटालियन कला एवं हिन्दू शिल्पकला का शानदार एवं अद्भुत मिश्रण है। इसमें अल्तार लकड़ी, पथरीली चट्टानों, स्वर्ण एवं ग्रेनाइट के समिश्रण से शिल्पकला एवं पच्चीकारी का सुन्दर आयाम बनाया गया है। मकबरा के खम्भों में संगमरमर का शानदार उपयोग एवं नक्काशी की गयी है। 

  कैथड्रल भवन के निर्माण में पुर्तगाली एवं गोथिक शैली का शिल्प अपनाया गया। इस चर्च की लम्बाई 250 फुट एवं चौड़ाई करीब 181 फुट है। सामने का हिस्सा करीब 115 फुट ऊंचा है। खास यह कि कैथड्रल की बाह्य सज्जा शैली सादापन की सुन्दरता से आलोकित है। 

   आंतरिक साज-सज्जा दर्शनीय है। आंतरिक साज-सज्जा दर्शकों को मुग्ध कर लेती है। विशेषज्ञों की मानें तो सेंट फ्रांसिस असीसी चर्च का निर्माण 1500 में किया गया था। इस सुन्दर एवं विलक्षण चर्च का निर्माण 8 फ्रांसीसी भिक्षुओं ने संयुक्त तौर से किया था। यह चर्च लेटराइट से बना है।

   पर्यटक इस चर्च की वास्तुकला के तुस्कान एवं मेनूलाइन बुनियादी बातों पर आश्चर्यचकित होते हैं। हालांकि फ्रांसीसी भिक्षुओं के द्वारा बनवाये गये इस चर्च का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। फिर भी अवशेष दिव्यता-भव्यता को दर्शाते हैं।
    गोवा के इन चर्च एवं कांवेंट्स की यात्रा करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट गोवा है। गोवा का एयरपोर्ट डाबोलिन है। निकटतम रेलवे स्टेशन गोवा है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी गोवा की यात्रा कर सकते हैं।
15.441540,73.893200

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