Friday, 10 August 2018

कुतुब मीनार : विलक्षण वास्तुशिल्प

   इच्छाशक्ति हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं। जी हां, दिल्ली की कुतुब मीनार का निर्माण भी इच्छाशक्ति से ही हुआ। 

    इच्छाशक्ति ने कुतुब मीनार को विश्व की सबसे ऊंची मीनार के तौर पर खड़ा कर दिया। कुतुब मीनार को अफगानिस्तान के जाम की मीनार को चुनौती देते हुये बनाया गया। दिल्ली के महरौली इलाका स्थित कुतुब मीनार दुनिया की श्रेष्ठतम शिखर वाली र्इंट से बनी मीनार है। 

    दक्षिणी दिल्ली के महरौली स्थित कुतुब मीनार एक सुन्दर आयाम है। भारतीय वास्तुशिल्प एवं कला का अनुपम आयाम कुतुब मीनार की ख्याति दुनिया में है। इसकी ऊंचाई 72.5 मीटर एवं चौड़ाई 14.3 मीटर है। यह 14.3 मीटर की चौड़ाई शिखर तक जाकर 2.75 मीटर में सिमट जाती है। यह मीनार एक भव्य-दिव्य आकार के अहाते में स्थित है। 

    यूनेस्को ने कुतुब मीनार को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है। इस अट्टालिका की सुन्दरता एवं उत्कृष्टता देखने दुनिया भर के पर्यटक आते हैं। दिल्ली के प्रथम मुगल शासक कुतबुद्दीन ऐबक ने कुतुब मीनार का निर्माण 1193 में आरम्भ किया था। हालांकि वह इस अट्टालिका का आधार ही बनवा पाये थे। बाद में उनके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने इसकी तीन मंजिल को विस्तार दिया। बाद में 1368 में फिरोजशाह तुगलक ने मीनार का निर्माण पूरा कराया था। यह मीनार पांच मंजिला है। 

   खास यह कि प्रत्येक मंजिल पर एक बालकनी है। निर्माण के समय के साथ इसके बदलाव भी हुये। पहली तीन मंजिल लाल बलुआ पत्थर से बनी हैं। इसके बाद चौथी एवं पांचवी मंजिल मार्बल एवं बलुआ पत्थरों से बनी हैं। ऐबक से तुगलक तक के शासनकाल का बदलाव कुतुब मीनार के स्थापत्यकला एवं वास्तुशिल्प में दिखता है। मीनार का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से किया गया है। मीनार में कुरान की आयतों, फूलों एवं बेलों का महीन नक्काशी से अंकन है। 

   कुतुब मीनार का इलाका पुरातन दिल्ली क्षेत्र कहलाता है। इस मीनार के निकट ही भारत की पहली क्वातुल इस्लाम मस्जिद है। बताते हैं कि इसका निर्माण 27 हिन्दू मंदिरों को तोड़ कर किया गया था। इस मस्जिद परिसर में 7 मीटर ऊंचा लौह स्तम्भ है। दिल्ली अंतिम हिन्दू राजाओं तोमर एवं चौहानों की राजधानी थी।
   देश का यह विश्व प्रसिद्ध बेहतरीन स्मारक है। खास तौर से इस स्मारक में 379 सीढ़ियां हैं। कुतुब मीनार का डिजाइन ऐसा किया गया है जिससे हर मंजिल खास अंदाज में दिखे। बलुआ पत्थरों के खम्भों पर गोलाकार खास नक्काशी की गयी है। दूसरी मंजिल पर गोल नक्काशी की गयी है। मीनार परिसर को सुसज्जित किया गया है।
    महरौली स्थित कुतुब मीनार की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट इन्दिरा गांधी इण्टरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली है। निकटतम रेलवे स्टेशन नई दिल्ली है। सड़क मार्ग से भी पर्यटक यात्रा कर सकते हैं।
28.524427,77.185455

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