Sunday, 8 July 2018

इण्डिया गेट : अमर शहीदों को समर्पित

    इण्डिया गेट को देश के अमर शहीदों की शौर्यगाथा स्मारक कहा जाये तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। वस्तुत: इण्डिया गेट अखिल भारतीय युद्ध स्मारक है।

   स्मारक युद्ध के अमर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि स्वरूप समर्पित है। नई दिल्ली के राजपथ पर स्थित इण्डिया गेट 43 मीटर ऊंचा स्मारक है। इस शहीद स्मारक में भव्य द्वार है। मध्य में अमर शहीदों की स्मृति में ज्योति प्रज्जवलित है।
   इस स्थल को पूर्व में किंग्सवे कहा जाता था। इसका डिजाइन सर एडवर्ड लुटियंस ने तैयार किया था। अमर शहीदों को समर्पित यह स्मारक पेरिस के आर्क डे ट्रायम्फ की डिजाइन पर आधारित है।

    इण्डिया गेट का निर्माण अंग्रेज शासकों ने 90000 भारतीय सैनिकों की स्मृति में कराया था। विशेषज्ञों की मानें तो यह उन भारतीय सैनिकों की स्मृति है जो ब्रिाटिश सेना में भर्ती होकर प्रथम विश्व युद्ध एवं अफगान युद्ध में शहीद हुये थे।
    खास यह है कि 13300 अमर शहीद सैनिकों के नाम इण्डिया गेट स्मारक पर उत्कीर्ण हैं। लाल एवं पीला बलुआ पत्थरों से बना यह स्मारक दर्शनीय है। खास यह कि इण्डिया गेट पर अमर जवान ज्योति प्रज्जवलित है। यह अनवरत जलती रहती है।

    इण्डिया गेट के मेहराब के नीचे अमर जवान ज्योति स्थापित है। सैनिकों की स्मृति में यहां एक राइफल के उपर सैनिक की टोपी सजा दी गयी है। इस राइफल के चारों कोनों पर ज्योति जलती है। इस अमर जवान ज्योति पर प्रति वर्ष देश के प्रधानमंत्री, तीनों सेनाध्यक्ष पुष्प चक्र चढ़ा कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। 
   इण्डिया गेट की दीवारों पर हजारों अमर शहीद जवानों के नाम अंकित हैं। खास यह कि सांझ होते ही इस दर्शनीय स्मारक का अवलोकन करने बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ती है। नित्य वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड राजपथ से इण्डिया गेट होकर गुजरती है। इण्डिया गेट निर्माण की आधारशिला 1921 में ड्यूक ऑफ कनॉट ने रखी थी। 

   स्मारक को पूर्ण होने में 10 वर्ष का समय लगा। करीब दस साल बाद तत्कालीन वायसराय लार्ड इर्विन ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। विशेषज्ञों की मानें तो स्मारक के निर्माण में भरतपुर के लाल पत्थरों का इस्तेमाल किया गया।
   खास तौर से देखें तो कोने के मेहराब पर ब्रिटानिया सूर्य अंकित हैं। इण्डिया गेट पर बड़े अक्षरों में इण्डिया अंकित है। सांझ होते ही इण्डिया गेट दूधिया रोशनी से जगमगा उठता है। इण्डिया गेट के चारों ओर भव्य-दिव्य पार्क हैं। इन पार्कों में फव्वारों की अच्छी श्रंखला है। इनकी रोशनी भी दर्शनीयता में चार चांद लगा देती है।
    इण्डिया गेट की यात्रा करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट नई दिल्ली है। निकटतम रेलवे स्टेशन नई दिल्ली एवं दिल्ली हैं। इनके अलावा सड़क मार्ग से भी यात्रा की जा सकती है।
28.612912,77.229510

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