अहमदाबाद : वैश्विक धरोहर शहर
गुजरात के अहमदाबाद शहर की अपनी एक अलग पहचान है क्योंकि अहमदाबाद अब वैश्विक धरोहर का दर्जा हासिल कर चुका है।
समुद्र तल से करीब 175 फुट की ऊंचाई पर बसा यह शहर पर्यटन की दृष्टि से कुछ खास भी है। मुख्यत: यहां दो सुन्दर झीलें हैं।
इनके अलावा साबरमती आश्रम, हाथीसिंह जैन मंदिर, जामा मंदिर, रानी सिपरी मस्जिद एवं साबरमती तट आदि बहुत कुछ है। खास यह भी है कि अहमदाबाद देश का सातवां प्रमुख एवं शीर्ष शहर है। साबरमती नदी के किनारे बसा यह शहर 600 वर्ष से भी अधिक पुराना है।
इस शहर की बुनियाद 1411 में पड़ी थी। शहर का नाम सुल्तान अहमद शाह पर पड़ा था। गुजरात की राजधानी गांधी नगर होने से पहले प्रदेश की राजधानी अहमदाबाद थी।
अहमदाबाद को कर्णावती के नाम से भी जाना जाता था। इसी शहर में महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम की स्थापना की थी। स्वाधीनता संघर्ष के असंख्य आंदोलन यहां से प्रारम्म हुये। ऊन की बुनाई के लिए खास तौर से अहमदाबाद की प्रसिद्धि है। विशेष यह है कि अहमदाबाद व्यापारिक एवं वाणिज्यिक शहर के तौर पर देश दुनिया में जाना पहचाना जाता है।
खास यह है कि अहमदाबाद की अधिसंख्यक आबादी सूती वस्त्र उद्योग एवं अन्य लघु उद्योग पर आश्रित है। खास यह है कि अहमदाबाद एक ऐसा शहर है, जहां आधुनिक एवं पौराणिक बहुत कुछ है। स्वच्छता में अहमदाबाद देश में अव्वल है।
यूनेस्को ने अहमदाबाद को वल्र्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिया है। शायद यह एक बड़ी बात है कि देश के किसी शहर को वल्र्ड हेरिटेज सिटी का खिताब मिला हो। अहमदाबाद को यह गौरव हासिल है।
कांकरिया झील : कांकरिया झील का निर्माण कुतबुद्दीन ने कराया था। हालात यह है कि यह झील अहमदाबाद की सुन्दरता का आइना है। यूं कहें कि कांकरिया झील अहमदाबाद की शान है।
स्थानीयता की दृष्टि से देखें तो कांकरिया झील एक सुन्दर पिकनिक स्पॉट है। इस झील के चारों ओर सुन्दर बगीचा है। झील के मध्य में एक सुन्दर द्वीप महल है।विशेषज्ञों की मानें तो मुगलकाल में नूरजहां व जहांगीर अक्सर घूमने आया करते थे।
हाथीसिंह जैन मंदिर : हाथीसिंह जैन मंदिर की खासियत इसकी सुन्दर एवं शानदार नक्काशी है। सफेद संगमरमर से बना यह मंदिर सुन्दरता का आयाम है। हाथीसिंह जैन मंदिर अहमदाबाद के प्रमुख मंदिरों में से एक है। इस मंदिर का निर्माण 19 वीं शताब्दी में रिचजन मर्चेंट्स ने किया था। इस मंदिर को उन्होंने जैन धर्म के 15 वें गुरु धर्मनाथ को समर्पित किया था।
जामा मस्जिद : जामा मस्जिद का निर्माण ईसवी 1423 में किया गया था। पश्चिम भारत की यह अति खूबसूरत मस्जिद है। मस्जिद खूबसूरत कारीगरी का शानदार उदाहरण है। इसकी सुन्दरता का कोई जोड़ नहीं है।
रानी सिपरी मस्जिद : रानी सिपरी मस्जिद शहर की एक अन्य खूवसूरत मस्जिद है। इस सुन्दर मस्जिद का निर्माण महमूद शाह बेगड़ा की रानी ने 1514 ईसवी में कराया था। विशेषज्ञों की मानें तो रानी की मृत्यु होने के बाद उनके शव को यहीं दफनाया गया था।
साबरमती आश्रम : साबरमती आश्रम की स्थापना महात्मा गांधी ने की थी। महात्मा गांधी ने इसी आश्रम से दांडी यात्रा प्रारम्भ की थी। दांडी यात्रा स्वाधीनता आंदोलन का एक हिस्सा था। यह एक सत्याग्रह था। इसके अलावा मुख्य तौर पर यहां से स्वाधीनता आंदोलन की नींव रखी गयी।
केलिको संग्रहालय : केलिको संग्रहालय में प्राचीनकाल एवं आधुनिककाल की बुनाई की कारीगरी को बेहतरीन ढ़ंग से प्रदर्शित किया गया है। खास यह कि इस संग्रहालय में प्राचीन बुनाई एवं सिलाई मशीनें प्रदर्शित हैं। संग्रहित एवं प्रदर्शित वस्तुएं मुख्यत: 17 वीं शताब्दी से पूर्व की हैं। इसके अलावा यहां बुनाई से संबंधित पुस्तकालय भी है।
हाथीसिंह जैन मंदिर : हाथीसिंह जैन मंदिर की खासियत इसकी सुन्दर एवं शानदार नक्काशी है। सफेद संगमरमर से बना यह मंदिर सुन्दरता का आयाम है। हाथीसिंह जैन मंदिर अहमदाबाद के प्रमुख मंदिरों में से एक है। इस मंदिर का निर्माण 19 वीं शताब्दी में रिचजन मर्चेंट्स ने किया था। इस मंदिर को उन्होंने जैन धर्म के 15 वें गुरु धर्मनाथ को समर्पित किया था।
जामा मस्जिद : जामा मस्जिद का निर्माण ईसवी 1423 में किया गया था। पश्चिम भारत की यह अति खूबसूरत मस्जिद है। मस्जिद खूबसूरत कारीगरी का शानदार उदाहरण है। इसकी सुन्दरता का कोई जोड़ नहीं है।
रानी सिपरी मस्जिद : रानी सिपरी मस्जिद शहर की एक अन्य खूवसूरत मस्जिद है। इस सुन्दर मस्जिद का निर्माण महमूद शाह बेगड़ा की रानी ने 1514 ईसवी में कराया था। विशेषज्ञों की मानें तो रानी की मृत्यु होने के बाद उनके शव को यहीं दफनाया गया था।
साबरमती आश्रम : साबरमती आश्रम की स्थापना महात्मा गांधी ने की थी। महात्मा गांधी ने इसी आश्रम से दांडी यात्रा प्रारम्भ की थी। दांडी यात्रा स्वाधीनता आंदोलन का एक हिस्सा था। यह एक सत्याग्रह था। इसके अलावा मुख्य तौर पर यहां से स्वाधीनता आंदोलन की नींव रखी गयी।
केलिको संग्रहालय : केलिको संग्रहालय में प्राचीनकाल एवं आधुनिककाल की बुनाई की कारीगरी को बेहतरीन ढ़ंग से प्रदर्शित किया गया है। खास यह कि इस संग्रहालय में प्राचीन बुनाई एवं सिलाई मशीनें प्रदर्शित हैं। संग्रहित एवं प्रदर्शित वस्तुएं मुख्यत: 17 वीं शताब्दी से पूर्व की हैं। इसके अलावा यहां बुनाई से संबंधित पुस्तकालय भी है।
इस हेरिटेज सिटी अहमदाबाद की यात्रा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट सरदार बल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट अहमदाबाद है। अहमदाबाद में रेलवे स्टेशन भी है। सड़क मार्ग से भी अहमदाबाद की यात्रा की जा सकती है।
23.022505,72.571362
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