सास बहू मंदिर : अद्भुत स्थापत्य कला
सास बहू मंदिर की स्थापत्य कला को कला का इन्द्रधनुषी रंग कहा जाये तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। जी हां, इस दिव्य-भव्य मंदिर का सौन्दर्य शास्त्र अद्भुत एवं विलक्षण है।
शायद इसी लिए सास बहू मंदिर की स्थापत्य कला वैश्विक पर्यटकों को खास तौर से आकर्षित करती है। भारत के मध्य प्रदेश के शहर ग्वालियर स्थित यह शानदार मंदिर खास ख्याति रखता है।
ऐतिहासिक एवं पौराणिक शहर ग्वालियर का यह मंदिर अति प्राचीन है। शायद इसीलिए सास बहू मंदिर को पौराणिक एवं ऐतिहासिक धरोहर के तौर पर भी देखा जाता है।
सास बहू मंदिर मूर्तिकला के अनुपम सौन्दर्य के लिए भी जाना जाता है। हिन्दुओं की आस्था का यह केन्द्र 11वीं शताब्दी में बनाया गया था। ग्वालियर किला के निकट स्थित सास बहू मंदिर वस्तुत: भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप को समर्पित है।
प्राचीन शिलालेख एवं अन्य मान्यताओं के मुताबिक इस दिव्य-भव्य मंदिर का निर्माण कच्छपघात राजवंश के राजा महिपाल ने 1093 में कराया था। मान्यता है कि यह शानदार मंदिर सास एवं बहू को समर्पित है।
मान्यता है कि इस मंदिर को राजवंश की राज बहुओं ने दर्शनीय बनाने एवं विस्तार देने में अहम भूमिका का निर्वाह किया था। राजवंश की यह बहुएं सास एवं बहू थीं।
लिहाजा इसे सास बहू मंदिर के नाम से ख्याति मिली। मान्यता यह भी है कि सास बहू मंदिर वस्तुत: भगवान विष्णु के सहस्त्रबाहु स्वरूप को समर्पित है। आशय यह कि भगवान विष्णु के हजार भुजाओं वाले स्वरूप को समर्पित है।
लिहाजा इसे सहस्त्रबाहु मंदिर कहा गया। सहस्त्रबाहु कालान्तर में सास बहू में परिवर्तित हो गया। सास बहू मंदिर के गर्भगृह में भगवान पद्मनाभ की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठापित है।
इस शानदार मंदिर की मूर्ति कला एवं नक्काशी अद्भुत एवं विलक्षण है। यहां की मूर्तिकला पर्यटकों को बरबस आकर्षित करती है। इसे खूबसूरत मूर्ति कला की शानदार संरचना भी कह सकते हैं।
मंदिर की नक्काशी एवं मूर्तिशिल्प देखते ही बनती है। खूबसूरती का यह बेजोड़ नमूना पर्यटकों का बेहद पसंदीदा है।
इस मंदिर के मध्य में एक वर्गाकार प्रकोष्ठ भी है। जिसके तीन ओर द्वार मण्डप हैं। चौथी दिशा में मंदिर का गर्भगृह स्थित है।
खास यह कि सास बहू मंदिर ग्वालियर का मुख्य पर्यटन आकर्षण है। यह अतुलनीय प्राचीन एवं ऐतिहासिक धरोहर भारत के मुख्य आकर्षण में से एक है।
सास बहू मंदिर की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट ग्वालियर है। एयरपोर्ट से सास बहू मंदिर की दूरी करीब 8 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन ग्वालियर जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी सास बहू मंदिर की यात्रा कर सकते हैं।
26.214560,78.182710
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